पाकिस्तान के आतंक का सिंधु नदी के पानी से जवाब देगा भारत

नई दिल्ली ( 20 मई ): पाकिस्तान के आतंकवाद का भारत पानी से जवाब देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 330 मेगावॉट क्षमता वाली किशनगंगा विद्युत परियोजना का उद्घाटन कर दिया। साथ ही पीएम मोदी ने किश्तवार जिले में 1,000 मेगावॉट की पाकल दुल विद्युत परियोजना की आधारशिला भी रखी।इन दोनों योजनाओं को केंद्र सरकार की पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक रणनीति मानी जा रही है। पाकिस्तान के साथ किए गए 1960 के सिंधु नदी समझौते के तहत भारत अपने हिस्से के पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करेगा, जिससे पाकिस्तान के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है।सिंधु नदी के पानी के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल का फैसला सितंबर 2016 में पाक आतंकियों द्वारा उरी में आर्मी कैंप पर हमले के बाद किया गया था। इस हमले में भारत के 18 सैनिक शहीद हुए थे। उस समय पीएम मोदी ने कहा था कि खून और पानी दोनों एक साथ नहीं बह सकते। हमले के 11 दिन बाद पीएम मोदी ने अधिकारियों की एक अहम बैठक ली थी, जिसके जरिए पाकिस्तान को साफ संदेश दिया गया कि या तो आतंक बंद करो या वर्तमान में समझौते से ज्यादा मिल रहे पानी को गंवाना पड़ेगा।केंद्र सरकार के इस फैसले के तुरंत बाद ही चिनाब और उसकी सहायक नदियों पर सावलकोट में 1,856 मेगावॉट, पाकल दुल में 1,000 मेगावॉट और बरसार में 800 मेगावॉट की बिजली परियोजनाओं में तेजी लाई गई।पाकिस्तान में पानी की कमी बीते कुछ सालों में एक बड़ा मुद्दा बनी है। जलवायु परिवर्तन, पुरानी किसानी तकनीक और जनसंख्या विस्फोट की वजह से पाकिस्तान में पानी का संकट गहरा रहा है।