बलूचिस्तान पर लताड़ से 'डरकर' पाक ने UN को लिखी चिट्ठी, तो भारत ने फिर सुनाया

नई दिल्ली (2 सितंबर): भारत ने बलूचिस्तान में हुए अत्याचार के मुद्दे को उठाने के लिए अपने हक पर एक बार फिर से जोर दिया है। गौरतलब है, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून को एक महीने में दूसरी बार चिट्ठी लिखकर कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन की जांच के लिए 'फैक्ट-फाइंडिंग' मिशन की मांग की।  

- रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर में हिंसा से बचने के लिए उपाय करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के बयान पर शरीफ ने प्रतिक्रिया में चिट्ठी लिखी। जिसके जवाब में भारत ने कहा कि जिन संयुक्त राष्ट्र प्रावधानों का जिक्र पाकिस्तान कर रहा था, वह इतिहास है।

- पीएम मोदी के बलूचिस्तान पर दिए बयान पर पाकिस्तान की तरफ से आपत्ति जताई गई। जिसके जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, विकास स्वरूप ने कहा, "अगर इसके बारे में बातचीत करना गलत है, तो कई नेताओं को कटघरे में खड़ा हो जाना चाहिए।"

- स्वरूप ने कहा, "अगर हम दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवाधिकार उल्लंघन पर आपत्ति महसूस करते हैं, तो हमें चिंता जताने का पूरा हक है।"

- कश्मीर पर पाकिस्तान की दलील का विरोध करते हुए स्वरूप ने कहा, "आतंकी बहादुर अली की गिरफ्तारी एक प्रत्यक्ष उदाहरण है कि एक देश के मामलों में क्या हस्तक्षेप है। जहां आप सीधे तौर पर अशांति और आतंक फैलाने के मकसद से हथियारों के साथ लोगों को भेज रहे हो।"