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नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ इतिहासकार को टिप्पणी करना पड़ा भारी, नोटिस जारी

मशहूर इतिहासकार को पीएम (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृहमंत्री (Home Minister) अमित शाह (Amit Shah) के खिलाफ टिप्पणी करना महंगा पड़ा गया। अलीगढ़ सिविल कोर्ट (Aligarh Civil Court)

Aligarh, अलीगढ़

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई(14 जनवरी): मशहूर इतिहासकार को पीएम (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृहमंत्री (Home Minister) अमित शाह (Amit Shah) के खिलाफ टिप्पणी करना महंगा पड़ा गया। अलीगढ़ सिविल कोर्ट (Aligarh Civil Court) के एक वकील ने मशहूर इतिहासकार इरफान हबीब को नोटिस भेजा है। नोटिस में हबीब से 7 दिनों के भीतर जवाब देने और माफी मांगने की मांग की गई है। इतिहासकार ने सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक स्पीच दी थी। वकील संदीप कुमार गुप्ता ने नोटिस में कहा है कि हबीब का एएमयू में सोमवार को दिया भाषण 'भारत की एकता और विविधता के खिलाफ था और यह इसकी संप्रभुता को भी चुनौती देता है। इरफान हबीब के भाषण का जिक्र करते हुए गुप्ता ने नोटिस में लिखा है। 

आपने अमित शाह को सलाह दी कि वह अपने नाम से शाह हटा लें क्योंकि यह फारसी शब्द है। आपने कहा कि आरएसएस की स्थापना मुस्लिमों पर हमले के लिए हुई थी। आपने हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर को देश के बंटवारे के लिए जिम्मेदार बताया, जबकि तथ्य यह है कि टू-नेशन थिअरी जिन्ना की देन थी। आपने सरकार के स्वच्छता अभियान में गांधी के चश्मे के इस्तेमाल का मजाक उड़ाया।

नोटिस में वकील ने कहा है कि उन्होंने तमाम अखबारों में हबीब के 'जहरीले बयानों' को पढ़ा है। उन्होंने हबीब से 7 दिनों के भीतर जवाब देने और माफी मांगने की मांग की है। नोटिस में कहा गया है कि अगर हबीब ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इतिहासकार की ये कथित टिप्पणियां संशोधित नागरिकता कानून को लेकर विवाद की पृष्ठभूमि में आईं हैं, जिसे पिछले हफ्ते ही देशभर में लागू किया गया।


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