सरकारी कर्मचारी बिन बताए जा सकेंगे LTC पर, ये हुए बदलाव

नई दिल्ली(12 जनवरी): केंद्र सरकार के कर्मचारी जल्द ही छुट्टियों की फोटो शेयर कर सकेंगे। इतना ही नहीं वे इसकी जानकारी भी साझा कर सकेंगे। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियो को लीव ट्रैवल कंसेशन (एलटीसी) के तहत छुट्टी पर जाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने की जरूरत नहीं होगी। बस खुद का दिया प्रमाणन ही काफी होगा।

केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग केंद्रीय कर्मियों के लिए एलटीसी संबंधी नियम बदल रहा है। बता दें एलटीसी में सरकारी कर्मचारी छुट्टी पर जाते हैं व टिकट जमा करने पर उन्हें राशि का भुगतान होता है। ये हैं बदलाव

1. एक माह में भुगतान नए नियम के अनुसार, एलटीसी दावे अधिकतम एक माह में निपटाने होंगे। यदि कोई कर्मी मुख्यालय से दूर तैनात है तो उसके बकाये के निपटारे के लिए 10 दिन अतिरिक्त दिए जाएंगे।

2. हर काम के लिए 5 दिन अब एलटीसी से जुड़े हर कार्य के लिए पांच दिन की मियाद तय की है। मसलन, छुट्टी मंजूरी के लिए 5 दिन तय है। इसी प्रकार अगले पांच दिन में एलटीसी के लिए एडवांस राशि स्वीकृत करनी होगी।

3.स्वप्रमाणन ही काफी एलटीसी छुट्टी पर जाने के लिए कर्मचारी को सीनियर अधिकारी से मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। बस सेल्फ सर्टिफिकेशन ही काफी होगा।

अभी मंजूरी में समय मौजूदा नियमों के तहत कर्मियों को एलटीसी के तहत छुट्टी पर जाने के लिए संबंधित नियंत्रक अधिकारी को सूचित करना होता है। उससे मंजूरी में समय लगता था।

एयर इंडिया से सफर

1. अब हवाई यात्रा को अधिकृत कर्मी केवल एयर इंडिया की इकॉनोमी क्लास में ही यात्रा कर सकेंगे। विशेष स्थिति में ही इस नियम से छूट मिलेगी।

2. जो हवाई यात्रा को अधिकृत नहीं हैं, वे अन्य से भी जा सकेंगे। पुनर्भुगतान उनकी श्रेणी की ट्रेन और असल खर्च में जो भी कम होगा, वहीं किया जाएगा।

3. हवाई यात्रा के लिए सीधे एयरलाइंस दफ्तर या अधिकृत एजेंसी से ही टिकट लें। अन्य एजेंसी या माध्यम से लिए टिकट का पुनर्भुगतान नहीं होगा।

4. आईटीडीसी, आईआरसीटीसी व-एटीडीसी के अलावा अन्य एजेंसी का टूर पैकेज मान्य नहीं। आवेदन के समय 17 सूत्री गाइडलाइन की कॉपी दी जाए।

शेयर करें तस्वीरें विभाग यह व्यवस्था करने जा रहा है कि एलटीसी पर कोई कर्मचारी दिलचस्प बात या तस्वीरें शेयर करना चाहता है तो उचित मंच पर कर सकता है। 15 दिन में मांगी राय: संबंधित विभागों से नए दिशानिर्देश को लेकर 15 दिन में राय मांगी है।