पठानकोट आतंकी हमलाः पाकिस्तानी जांच दल को भारत ने दिया क्लीयरेंस

नई दिल्ली (17 मार्च): भारत ने पाकिस्तान की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम के छह सदस्यों को वीजा क्लियरेंस दे दिया है। ये जांच दल को 2 जनवरी को पठानकोट में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी हमलावरों के खिलाफ सुबूत इकट्ठे करेगा। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी जांच दल के छह सदस्यों को सात दिनों के लिए वीजा दे दिया गया है।जांच दल के भारत दौरे की तारीखों को अंतिम रूप देने का फैसला पाकिस्तान में भारत के हाई कमिश्नर और विदेश मंत्रालय पर छोड़ दिया गया है।

अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि उन्हें उम्मीद है कि एसआईटी टीम इस महीने के आखिरी हफ्ते में भारत आ सकती है, लेकिन वह इस्लामाबाद से अधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। जांच दल को इस्लामाबाद में हाई कमिश्नर ने वीजा परमिशन दी। इसके बाद अग्रिम मंजूरी के लिए उन्होंने सदस्यों के नाम होम मिनिस्ट्री को भेजे। माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने सभी छह सदस्यों के वीजा रिक्वेस्ट को मंजूर कर लिया है, जबकि तारीखें तय करने का फैसला नई दिल्ली और इस्लामाबाद के विदेश मंत्रालयों पर छोड़ दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी एसआईटी टीम को पठानकोट एयरबेस में जाने की अनुमति देने और नैशनल सिक्यॉरिटी अडवाइजर (NSA) अजित डोभाल का बयान रिकॉर्ड करने की इजाजत देने से जुड़े फैसले को सरकार को अंतिम रूप देना है। भारत के एनएसए की सूचना पर ही पाकिस्तान में काउंटर टेटर डिवीजन (सीटीडी) ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पठानकोट टेरर अटैक की जांच कर रही नैशनल इनवेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) ने कहा है कि उसे पाक एसआईटी के एयरबेस में जाने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है।

एसआईटी ने इस मामले में अभी तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तान में  दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकियों का नाता प्रतिबंधित ऑर्गेनाइजेशन से है और भारत में आने के बाद उन्होंने पांच पाकिस्तानी नंबरों पर फोन किया। सूत्रों के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी नहीं है, इसलिए नवाज शरीफ सरकार को सबूत ट्रांसफर करने के लिए एक लेटर रॉगेटरी भेजना होगा।