मसूद अज़हर मामलाः भारत ने चीन के खिलाफ जारी किया 'डेमार्श'

नई दिल्ली (10 फरवरी): चीन ने कहा है कि अगर मौलाना मसूद अज़हर को काली सूची में डाल दिया गया तो भारत आतंकवाद के नाम पर पाकिस्तान पर सैन्य दबाव बढ़ा सकता है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति में अन्य तीसरा पक्षों को मामले में टांग अड़ाने का मौका मिल जायेगा। हालांकि चीन ने इस तीसरे पक्ष का खुलासा नहीं किया गया। वहीं, भारत ने मसूद अजहर को बैन करने के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाने के लिए चीन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। 

जैश-ए-मोहम्मद सरगना और पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद के मामले में भारत ने चीन के खिलाफ 'डेमार्श' जारी किया है। 'डेमार्श' एक कूटनीतिक कदम है जिसे विरोध दर्ज कराने के लिए जारी किया जाता है। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि दिल्ली में चीनी दूतावास और पेइचिंग में विदेश विभाग को डेमार्श सौंप दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि यह प्रस्ताव भारत ने पेश नहीं किया है बल्कि UNSC के 3 स्थाई सदस्यों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से आया है। अमेरिका ने पिछले दिनों ही फ्रांस और ब्रिटेन के समर्थन से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर पर बैन का प्रस्ताव किया था। यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मौलाना मसूद अज़हर जिस आतंकी संगठन का सरगना है उसे यूनाईटेड नेशंस पहले पहली आतंकवादी संगठनों की काली सूची में डाल चुका है। इसके बाद भी चीन प्रतिबंधित आतंकी गिरोह के सरगना को बचाता चला आ रहा है।