मोदी सरकार का बड़ा कमाल, देश की पहली सोलर ट्रेन

कुंदन सिंह, नई दिल्ली (14 जुलाई): ट्रेनों के संचालन में ऊर्जा की खपत को कम करने और गैर-पारंपरिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए रेलवे सोलर ट्रेन चलाने जा रही है। देश की पहली सोलर ट्रेन का रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मुआयना किया।

ट्रेन की छत पर सोलर पैनल लगी ये ट्रेन दिल्ली के सराय रोहिल्ला से फ़रुख़नगर के बीच चलाई जाएगी। ट्रेन के हर कोच में चलने वाला ट्यूब लाइट्स और पंखे बिजली से नहीं बल्कि सोलर से चलेंगे। रेलवे का दावा है कि सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से इस ट्रेन से भारतीय रेल को क़रीब 12 लाख़ रुपये सालाना बचत होगी। इसके अवाला हर कोच से सालाना 9 लाख टन कार्बन डायआक्साइड के उत्सर्जन को बचाया जा सकेगा।

इस ट्रेन का निर्माण आईसीएफ चेन्नई में हुआ है। अगर ये प्रयोग सफल रहता है तो रेलवे इस तकनीक को दूसरी ट्रेनों में भी लगाएगा। ख़ास बात ये है कि ट्रेन को चलाने के लिए डीज़ल इंजन का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन ट्रेन में बिजली, ट्यूब लाइट और पंखे को सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा। भारतीय रेल ने अगले 10 साल में ऊर्जा पर 40 हज़ार करोड़ रुपये बचाने का लक्ष्य रखा है। इसी मक़सद से रेलवे में सौर ऊर्जा पर ख़ास जोर दिया जा रहा है। इस ट्रेन के हर डब्बे में 4.5 KWP का सोलर पैनल लगाया गया है।

इसे बनाने वाले तकनीकी टीम ने बताया कि सोलर पैनल से मिल रही ऊर्जा से ट्रेन के लाइट्स और पंखे चलेंगे और बैट्री भी चार्ज होती रहेगी, जोकि दो दिनों तक पावर सप्लाई कर सकता है। इस ट्रेन को लोकप्रिय बनाने के लिए इसमें अच्छे गद्देदार सीट लगाए गए हैं और साथ ही टॉयलेट की भी सुविधा रखी गई है।