मोदी सरकार की इस पॉलिसी से चीन को 300000000000 का नुकसान

नई दिल्ली (6 जून): मोदी सरकार की एक पॉलिसी ने चीन को कड़ा झटका दिया है। गेल इंडिया के द्वारा बनाई जा रही पाइपलाइन प्रॉजेक्ट्स से भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता देने की पॉलिसी के चलते चीन की कंपनियां 3,000 करोड़ रुपये के पाइपलाइन प्रॉजेक्ट्स की दौड़ से बाहर कर दिया गया हैं।

इस 'इंडिया फर्स्ट' पॉलिसी से भारतीय स्टील कंपनियों को फायदा होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मेक इन इंडिया' मिशन आगे बढ़ेगा। इस नीति के चलते भारतीय स्टील कंपनियों को अरबों डॉलर का बिजनेस चीन की कंपनियों के हाथों नहीं गंवाना पड़ेगा, जो सस्ता स्टील बेचती हैं।

- स्टील और पावर सेक्टर के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

- सरकार अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन किए बगैर भारतीय कंपनियों को प्रायॉरिटी देने के उपाय तलाश रही है।

- 50 करोड़ रुपये से अधिक के केंद्र-राज्य सरकारों और सरकारी कंपनियों के सभी टेंडर में भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

- हालांकि, इसके लिए उन्हें क्वॉलिटी, मात्रा संबंधी शर्तों को पूरा करना होगा।

- अगर कोई देश में प्लांट लगाना चाहता है तो उसका स्वागत किया जाएगा।