समंदर में बढ़ेगी हिंदुस्तान की ताकत, नौसेना में आज शामिल होगी INS कलवरी

नई दिल्ली(14 दिसंबर): भारत को समंदर में सबसे बड़ी ताकत मिलने जा रही है। 17 साल के लंबे इंतजार के बाद आईएनएस कलवरी गुरुवार को समुद्र में उतरेगा। 

- 1,564 टन के इस सबमरीन प्रॉजेक्ट-75 के अंतर्गत बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन के लिए गुरुवार को सुबह 11 बजे मुंबई पहुंचेंगे। उनके साथ रक्षा मंत्री निर्मला सीतरमण भी मौजूद होंगी। 

- आधुनिक फीचर्स से लैस यह पनडुब्बी दुश्मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है। ये टॉरपीडो और ऐंटी शिप मिसाइलों से हमले कर सकती है। इसका प्राथमिक काम दुश्मन के व्यापार और उर्जा मार्गों पर नजर रखना, अपने क्षेत्र को ब्लॉक करना और युद्धक उपकरणों की रक्षा करना है। जरूरत पड़ने पर दूर तक मार कर सकने की क्षमता के कारण दुश्मन पर अटैक भी इन पनडुब्बी के जरिए किया जा सकता है। 

- न्यूक्लियर ताकतों से लैस पनडुब्बी और बैलिस्टिक मिसाइल नौसेना की ताकत और दक्षता को बढ़ाएंगे। साथ ही रणनीतिक मजबूती के लिए भी यह महत्वपूर्ण है।

- इस वक्त नौसेना में 13 पुराने सबमरीन हैं, जिनमें से आधे किसी काम के नहीं बचे। ऐसे हालात में सेना को मजबूत बनाने के लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण कदम है।