अमेरिका से ये खास हथियार खरीदना चाहता है भारत, 7500 किमी लंबी कोस्टलाइन पर रखेगा नजर

नई दिल्ली ( 22 जून ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएस दौरे पर जाने वाले हैं। डोनाल्ड ट्रम्प और नरेंद्र मोदी की पहली मुलाकात से पहले भारत प्रीडेटर ड्रोन के नेवी वर्जन को हासिल करने की कोशिश कर रहा है। एक अधिकारी  ने कहा, "भारत ने सर्विलांस ड्रोन को खरीदने के लिए भेजी गई रिक्वेस्ट पर US की मंजूरी हासिल करने के लिए जोर लगा रहा है।


मोदी US दौरे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद दोनों देशों को रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश करेंगे।" अगर ये ड्रोन भारत को मिलते हैं तो वो इनकी मदद से अपनी 7500 किलोमीटर लंबी कोस्टलाइन (तटरेखा) पर नजर रखेगा। डील के लिए स्टेट डिपार्टमेंट की मंजूरी हासिल करनी है। बता दें कि इन गार्जियन ड्रोन्स को कैलिफोर्निया की जनरल ऑटोमिक्स बनाती है। साथ ही ये ऐसी पहली डील होगी, जो गैर नाटो सदस्य देश के साथ अमेरिका करेगा।


एक अधिकारी ने बताया "हम इस एजेंडे को शीर्ष तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।" अमेरिका ने भारत को अपना अहम रक्षा सहयोगी बताया है। भारत अमेरिकी हथियारों का बड़ा खरीददार है। समुद्री व्यापार मार्ग पर बीजिंग के फैलाव और चीनी पनडुब्बियों के क्षेत्रीय जल में तेजी से दिखने की घटनाओं के बाद भारत अपनी समुद्री तट की रक्षा करना चाहता है। 


लेकिन, चर्चा पर नज़र रखने वाले सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी विदेश विभाग दक्षिण एशिया में उच्च तकनीक वाले ड्रोनों को शुरू करने के संभावित अस्थिर प्रभाव के बारे में चिंतित है।

भारत की अब पूरी कोशिश 22 प्रिडेटर ड्रोन हासिल की करने की है। अमेरिका ने अफगानिस्तान के अलावा कई देशों में इन ड्रोन का इस्तेमाल आतंकियों के खात्मे में किया है। तालिबान के खिलाफ ये ड्रोन बेहद कामयाब रहे हैं। भारत प्रिडेटर का आर्म्ड वर्जन हासिल करना चाहता है।