चीन को रोकने के लिए भारत म्यामांर को देगा सैन्य साजो सामान

नई दिल्ली (24 मार्च): अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और हैसियत लगातार तेजी से बदल रही है। दुनिया के बड़े हथियार निर्यातक देश में शामिल अब भारत दूसरे देशों को धीरे-धीरे हथियार भी बेचने लगा है। हालांकि हथियार बेचने का भारत का ये सिलसिला फिलहाल बहुमत कम देशों तक सीमित है। पहली बार भारत अब म्यामांर को युद्धपोत में इस्तेमाल होने वाले सोनार सिस्टम देने जा रहा है। इस बारे में DRDO ने रक्षा मंत्री अरूण जेटली को म्यांमार के साथ हुए समझौते की कॉपी सौंपी।


भारत तीन सोनार सिस्टम म्यांमार को दे रहा है, जिनकी कुल कीमत करीब 180 करोड़ है। म्यांमार इन सोनार को अपने उंग-ज़ेया क्लास के वॉरशिप के लिए भारत से खरीद रहा है। भारत म्यांमार को डीआरडीओ द्वारा निर्मित डायरेक्ट गियर सोनार-एैरे दे रहा है। ये सोनार युद्धपोत के निचले हिस्सों में लगाया जाता है। ये सोनार समंदर में दुश्मन के युद्धपोत, पनडुब्बी और टोरपीडो का पता लगाने में कारगर साबित होता है। ये दुश्मन के युद्धपोत, पनडुब्बी और टोरपीडो की साउंड यानि आवाज से ही पता लगा लेती है। जिससे समय रहते उन्हें युद्धपोत के करीब आने से पहले ही खत्म किया जा सकता है।


हालांकि भारत के इस कदम से चालबाज चीन को मिर्ची लग सकती है। जानकारों के मुताबिक म्यामांर को सैन्य साजो सामान देने का भारत का ये फैसला चीन को एक रणनीतिक संदेश देने के तहत भी किया गया है।