चीन को भारत की चुनौती, अरुणाचल के तवांग तक जाएगी भारतीय रेल

नई दिल्ली ( 30 मार्च ): चीन रेलवे लाइन तिब्बत तक पहुंचाकर अपनी सामरिक बढ़त हासिल की, उसी के जवाब में भारत सरकार अब चीन से जुड़ते अरुणाचल प्रदेश के तवांग तक रेल लाइन बिछाने की तयैारी कर रही है। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय 1 अप्रैल 2017 को अरुणाचल प्रदेश में बड़ी बैठक कर रहा है। इस बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के साथ गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे।


रणनीतिक हितों को देखते हुए केंद्र सरकार भारत-चीन बॉर्डर पर स्थित अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी में जुट गई है। केंद्र ने रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू को फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। रिजिजू अरुणाचल प्रदेश से ही सांसद भी हैं।


ये दोनों मंत्री शनिवार को अरुणाचल जाएंगे और असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित आखिरी स्टेशन भलुकपोंग को तवांग से जोड़ने की संभावनाओं का अध्ययन करेंगे। सिन्हा और रिजिजू स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ रेल अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।

तवांग भारत के लिए रणनीतिक रूप से बहुत अहम है। यह भारत चीन बॉर्डर पर स्थित है। चीन इस पर अपना दावा जताता रहा है। 


चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का हिस्सा बताता है और किसी बड़े भारतीय नेता, अधिकारी या राजदूतों के दौरे पर आपत्ति जताता रहा है।

बता दें कि हाल ही में उसने दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा का भी विरोध किया है। भारत ने हर बार चीन के दावे को खारिज किया है।