चीन की हेकड़ी, आतंकी दोस्त का साथ छोड़ने के लिए तैयार नहीं ड्रैगन

बीजिंग (17 फरवरी): भारत और चीन के बीच 22 फरवरी को बीजिंग में पहली रणनीतिक वार्ता होने जी रही है। बताया जा रहा है कि इस बातचीत में दोनों देशों के आला अधिकारी'द्विपक्षीय महत्व और हितों' से जुड़े मुद्दों के अलावा मसूद अजहर और NSG जैसे टकराव के मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे।

वहीं इस बातचीत से ठीक पहले चीन ने भारत के सबसे बड़े दुश्मन और आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से बचाने पर सफाई दी है। चीन का कहना है कि भारत को मसूद अजहर के बारे में ठोस सबूत देना होगा उसके बाद ही वो मसूद के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में भारत का साथ दे सकता है।

चीन का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सहमति बनाने के लिए संबंधित देशों को और काम करने की जरूरत है। 2016 में आए प्रस्ताव पर सदस्य देशों की राय अलग-अलग थी, उन्हें एकमत करने के लिए कुछ नहीं किया गया। इसीलिए चीन ने उस पर तकनीक रोक लगाई है जिससे कि सदस्य देशों को प्रस्ताव पर एकमत होने के लिए समय मिल सके। यह सुरक्षा परिषद के फैसलों के लिए जरूरी है। प्रस्ताव को अमेरिका द्वारा पेश किए जाने के महत्व पर प्रवक्ता ने कहा, सदस्य देशों का किसी प्रस्ताव पर विचार-विमर्श का अपना तरीका है, इस मामले में भी उसी का पालन किया गया है।