चीन में नहीं था भारत से लड़ने का दम, नकली थी मिलिट्री एक्सरसाइज

नई दिल्ली (2 सिंतबर): डोकलाम विवाद के समय चीन ने तिब्बत और हिंद महासागर में मिलिट्री एक्सरसाइज की थी, जिसके बारे में अब एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पर करीबी नजर रखने वाले वेस्टर्न मिलिट्री एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि ड्रैगन ने भारत पर दबाव बनाने के लिए इस हरकत को अंजाम दिया था।

एएनआई के मुताबिक वेस्टर्न मिलिट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि तिब्बत आटोनॉमस रीजन (TAR) और हिंद महासागर ( Indian Ocean) के वेस्टर्न पार्ट में हुई एक्सरसाइज के दौरान चीनी सैनिकों ने खाली कारतूसों का इस्तेमाल किया था। इन ड्रिल की खबर भारत पर दबाव बनाने के मकसद से जारी की गई थी। सैनिकों की लाइव फायर ड्रिल को चीन सरकार ने प्रोपेगैंडा आर्म्स के तौर पर इस्तेमाल किया।

खबर के अनुसार, तिब्बत आटोनॉमस रीजन में तथाकथित ड्रिल के एनालिसिस से ये साफ है कि यह गैर-पेशेवर रवैया 'कट एंड पेस्ट' नौकरियों की तरह था, जिसे चीन कई सालों से अंजाम दे रहा है। तिब्बत में दिखाए गए हथियार, मिसाइल और उनकी लॉन्च पोजिशन वास्तव में तिब्बत में तैनात मिसाइलों से दूर-दूर तक मेल नहीं खाते।"