बंगाल में 27 डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, कहा- मौजूदा हालात में नहीं दे पाएंगे सेवा

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 जून):  पश्चिम बंगाल में हड़ताली डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  की बात भी नहीं सुनी है। ममता बनर्जी ने कल दोपहर 2 बजे तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन अस्पतालों के डॉक्टर अपने कड़े रुख पर डटे हुए हुए है। इसके अलावा महाराष्ट्र और दिल्ली में भी डॉक्टरों ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है और हड़ताल का ऐलान किया है। 

आज डॉक्टरों की हड़ताल का तीसरा दिन है। बंगाल के डॉक्टरों ने राज्यपाल से मिलकर ममता के उस बयान की भी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा था, मैं हड़ताल पर गए डॉक्टरों की निंदा करती हूं। पुलिसवाले ड्‌यूटी करते हुए शहीद हो जाते हैं, लेकिन पुलिस हड़ताल पर नहीं जाती।

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कोलकाता के आर.जी. कार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के 27 डॉक्टरों ने इस्तीफा देते हुए कहा है, मौजूदा हालात में हम सेवाएं देने में असमर्थ हैं, इसलिए हम अपनी ड्यूटी से इस्तीफा देना चाहते हैं। वहीं दार्जीलिंग के नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो डॉक्टरों ने राज्य में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के विरोध में इस्तीफा दे दिया है।

मंगलवार को पहले जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर गए थे, बाद में सीनियर डॉक्टर्स भी हड़ताल में शामिल हो गए थे। डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हैं, यहां तक कि इमरजेंसी सेवा भी बाधित हैं। कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में साथी डॉक्टरों की पिटाई के बाद से डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं।बता दें कि एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने डॉक्टर की पिटाई कर दी थी। इससे पूरे प्रदेश के डॉक्टरों में उबाल आ गया है। अब तो स्थिति यह है कि देश के अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।