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भारत और चीन के बीच अहम करार

भारत और चीन के बीच दो महत्वपूर्ण समझौते हुए। चीन ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह के स्तर से जुड़ी सूचनाएं साझा करने के लिए तैयार हो गया है। शनिवार को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद MoU पर हस्ताक्षर किए गए। पिछले साल डोकलाम विवाद के चलते चीन ने भारत के साथ ब्रह्मपुत्र के प्रवाह से जुड़े आंकड़े साझा करने बंद कर दिए थे।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 9 जून ): शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से छह हफ्ते के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी मुलाकात हुई। इस दौरान भारत और चीन के बीच दो महत्वपूर्ण समझौते हुए। चीन ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह के स्तर से जुड़ी सूचनाएं साझा करने के लिए तैयार हो गया है। शनिवार को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद MoU पर हस्ताक्षर किए गए। पिछले साल डोकलाम विवाद के चलते चीन ने भारत के साथ ब्रह्मपुत्र के प्रवाह से जुड़े आंकड़े साझा करने बंद कर दिए थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के चिंगदाओ पहुंचे। वहां एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। पिछले चार साल में यह दोनों नेताओं की 14वीं मुलाकात है।दूसरा समझौता भारत से गैर-बासमती चावल खरीद पर सहमति का है। चीन के भारत से गैर-बासमती चावल का आयात करने से व्यापार को संतुलित करने में कुछ सीमा तक मदद मिल सकती है। अभी दोनों देशो के बीच व्यापार में चीन का निर्यात बहुत अधिक है। प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग से अलग से द्विपक्षीय वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।भारत के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय और चीन के जल संसाधन मंत्रालय के बीच हुए समझौते के तहत चीन हर साल बाढ़ के मौसम यानी 15 मई से 15 अक्टूबर के बीच ब्रह्मपुत्र नदी में जल-प्रवाह से जुड़ी सूचनाएं भारत को देगा। साथ ही बरसात के बाद मौसम में अगर इस नदी में जलस्तर परस्पर सहमति से तय सीमा से ऊपर जाता है तो उसकी भी जानकारी चीन भारत को देगा।

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