चीन ने बदली चाल, कहा- भारत से है गहरी दोस्ती

नई दिल्ली(13 जनवरी): भारत को लेकर चीन थोड़ा बदला-बदला सा नजर आने लगा है। एशिया-पसिफिक सिक्यॉरिटी पर चीन के पॉलिसी डॉक्युमेंट में कहा गया है कि भारत के साथ उसके संबंध 'मजबूत' हुए हैं।

- बुधवार को जारी इस वाइट पेपर में कहा गया है कि चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर और वियतनाम के साथ भारत के संबंध मजबूत होने को लेकर मतभेद के बीच चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति हुई है।

- चीन ने पाकिस्तान का जिक्र किए बिना आतंकवाद से लड़ने के बारे में इस डॉक्युमेंट में कहा है, 'चीन का मानना है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले स्थानों को समाप्त करने के लिए विभिन्न देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया बढ़नी चाहिए और इस समस्या का समाधान राजनीतिक, आर्थिक और राजनयिक जरियों के साथ होना चाहिए। इसके साथ ही, आतंकवाद से लड़ने के लिए दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। आतंकवाद को किसी विशेष देश, नस्ल या धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए।'

- डॉक्युमेंट के अनुसार, '2015 से शांति और समृद्धि के लिए चीन और भारत के बीच रणनीतिक भागीदारी और सहयोग और मजबूत हुआ है। दोनों देशों ने डिवेलपमेंट के लिए भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है और वे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में रहे हैं।'

- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली केक्विआंग के साथ कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीटिंग्स का जिक्र करते हुए डॉक्युमेंट में बताया गया है, 'दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय मामलों पर संपर्क और समन्वय बरकरार रखा है और संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, जी20 में आपसी सहयोग बढ़ाया है। क्लाइमेट चेंज, डब्ल्यूटीओ की दोहा राउंड की बातचीत, एनर्जी और फूड सिक्यॉरिटी, इंटरनेशनल फाइनेंशियल और मॉनेटरी इंस्टीट्यूशंस के रिफॉर्म जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग किया है। इससे चीन, भारत और अन्य विकासशील देशों के साझा हितों की सुरक्षा करने में मदद मिली है।'

- डॉक्युमेंट में दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों में भी सुधार होने की बात कही गई है। इसमें बताया गया है, 'चीन और भारत की सेनाओं के बीच संबंध मजबूत और स्थिर रहे हैं।'

- चीन ने इस डॉक्युमेंट में अमेरिका, रूस, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ अपने संबंधों की भी जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि एशिया-पैसिफिक में सुरक्षा की स्थिति स्थिर है।