भारत के खिलाफ अब चीन चल रहा है ये नई चाल



नई दिल्ली (20 अगस्त): एशिया समेत पूरी दुनिया में भारत के बढ़ते प्रभाव से चीन बौखला गया है। चीन को डर है कि भारत जिस तेजी से दुनियाभर में भारत का कद बढञ रहा है वो आनेवाले दिनों में चीन को चुनौती दे सकता है। लिहाजा चीन भारत को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता। चालबाज चीन पाकिस्तान समेत अन्य पड़ोसी देशों को भारत का भय दिखा कर वहां निवेश कर इंडिया के खिलाफ खड़ा करने की रणनीति पर जमकर काम कर रहा है।

इसी रणनीति के तहत पिछले कुछ सालों में चीन ने भारत के अहम पड़ोसी नेपाल में बड़े पैमाने पर अपना निवेश बढ़ दिया है। पाकिस्तान के बाद अब चीन नेपाल में ऐसे जगहों पर निवेश कर रहा है जो आने वाले दिनों में भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सके। पश्चिमी नेपाल में धारचुला की स्थिति एकदम डोकलाम की तरह ही है। धारचुला नेपाल, चीन और भारत के ट्राइजंक्शन के बीच आता है। 1814-16 में हुए ऐंगलो-नेपाली युद्ध के समय से ही भारत और नेपाल के बीच इस शहर को लेकर संधि अस्तित्व में आ गई थी। नेपाल की काली नदी के ऊपर बने ब्रिज से नेपाल और भारत में उत्तराखंड राज्य एक-दूसरे से जुड़े हैं। 1950 में तिब्बत पर चीन के कब्जा करने से पहले धारचुला तिब्बत-नेपाल-भारत के बीच व्यापार रास्ते के लिए एक अहम शहर था। 

नेपाल में वित्तीय साल 2017 में 15 अरब नेपाली रुपयों का विदेशी निवेश हुआ है। इसमें से आधे से भी ज्यादा यानी 8.35 अरब नेपाली रुपये का निवेश चीन ने किया है। इसी वित्त वर्ष में भारत ने नेपाल में 1.99 अरब रुपयों का निवेश किया है। 3 साल पहले ही नेपाल के सबसे बड़े विदेशी निवेशक के तौर पर भारत को पछाड़ कर चीन सबसे बड़ा निवेशक बन गया था। इन निवेशों जरिए चतुर चीन उन देशों में भारत के खिलाफ माहौल भी बनाते रहता है।