भारत-चीन मिलकर काम करें, तो एशिया और विश्व का बेहतर होगा भविष्य: पीएम मोदी

नई दिल्ली ( 1 जून ): पीएम मोदी के सिंगापुर दौरे का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को शांगरी-ला डायलॉग में अपना संबोधन दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, 'एशिया और दुनिया का अच्छा भविष्य होगा, यदि भारत और चीन भरोसे और आत्मविश्वास के साथ मिलकर काम करें।'  प्रधानमंत्री का यह बयान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक माह पहले हुई अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद आया है।मोदी ने कहा, 'भारत और चीन आपसी मुद्दों को निपटाने और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए काफी परिपक्वता दिखाई है।' मोदी ने कहा कि एशिया की 'प्रतिद्वंद्विता' क्षेत्र को पीछे धकेल देगी, जबकि सहयोग इसे सही आकार देगा। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आसियान देशों के साथ भारत के संबंध के ऐतिहासिक वर्ष के मौके पर यहां पहुंचकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। जनवरी में हमारे गणतंत्र दिवस के मौके पर हमें आसियान देशों की मेहमाननवाजी का मौका मिला। यह समिट आसियान और ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।पीएम मोदी ने कहा हजारों साल तक भारतीय पूर्व की तरफ बढ़े, यह सिर्फ उगते सूरज को देखने के लिए नहीं, बल्कि यह प्रार्थना करने के लिए कि इसकी रोशनी हमेशा दुनिया पर रहे। पीएम मोदी ने कहा, 'सिंगापुर हमें दिखाता है कि जब महासागर खुला हो, समुद्र सुरक्षित हों, देशों का एक-दूसरे से कनेक्ट हो, कानून का पालन हो और देश चाहे छोटे हों या बड़े, संप्रभुता के तौर पर समृद्ध होते हैं। सिंगापुर हमें यह भी दिखाता है कि जब कोई देश सिद्धांतों के साथ खड़ा होता है, न कि किसी एक शक्ति या दूसरी शक्ति के पीछे, तो वह दुनिया का सम्मान प्राप्त करता है।'पीएम मोदी ने कहा, 'भारत के लिए सिंगापुर और ज्यादा है। यह एक भावना है, जो एक लॉयन नेशन को लॉयन सिटी से जोड़ती है। सिंगापुर हमारे लिए आसियान का स्प्रिंगबोर्ड है। पूर्व में प्रवेश के लिए सिंगापुर हमेश एक प्रवेश द्वार रहा है।'