PM मोदी के दौरे से पहले पिघलने लगी भारत-चीन के रिश्‍तों पर जमी बर्फ !, नाथूला के रास्ते फिर शुरू होगी मानसरोवर यात्रा

नई दिल्ली (22 अप्रैल): प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 27 अप्रैल की चीन के दो दिनों के दौरे पर जाने वाले हैं। लेकिन उनके चीन के दौरे पर जाने से पहले ही डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्ते में जमी बर्फ पिघलने लगी है। नाथूला के रास्ते एकबार फिर से मानसरोवर यात्रा शुरू होगी। आपको बता दें कि डोकलाम विवाद के बाद नाथूला के रास्ते मानसरोवर यात्रा बंद थी।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने रविवार को बीजिंग में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को सुधारने का संकल्प लिया। सुषमा और वांग ने दोनों मुल्कों के संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे की सराहना की, जिनमें पिछले साल डोकलाम में 73 दिनों के सैन्य गतिरोध के कारण खटास आ गई थी। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और चीन ने सिक्किम में नाथूला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने पर सहमति जताई। करीब 10 महीने पहले डोकलाम में पैदा हुए गतिरोध के बाद यात्रा रोक दी गयी थी। 

सुषमा स्वराज ने कहा कि हम इस बात से खुश हैं कि इस साल नाथू ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू होगी। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस साल चीनी पक्ष के पूरे सहयोग से यात्रा भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए संतोष देने वाला अनुभव होगी।

आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय हर साल दो अलग-अलग रास्तों से जून से सितंबर तक यात्रा का आयोजन करता है। इन दो मार्गों में लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथूला दर्रा (सिक्किम) है। धार्मिक महत्व वाली इस तीर्थयात्रा का सांस्कृतिक महत्व भी है, जिसमें हर साल सैकड़ों लोग कैलाश मानसरोवर जाते हैं।