डोकलाम विवाद: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ डोभाल की मुलाकात बेनतीजा

नई दिल्ली (29 जुलाई): डोकलाम विवाद के बीच ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में भाग लेने भारतीय NSA अजीत डोभाल चीन पहुंचे हैं। जहां भारतीय NSA अजीत डोभाल और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच डोकलाम मुद्दे को लेकर बातचीत हुई, लेकिन दोनों की बातचीत बेनतीजा रही। डोकलाम को लेकर पिछले 2 महीने से भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोभाल के साथ हुई बातचीत में भी इस विवाद को खत्म करने का कोई हल नहीं निकल सका है। डोकलाम में जारी विवाद चीन के राजनीतिक नेतृत्व के लिए भी गले की हड्डी बनता जा रहा है। ईस्ट और साउथ चाइना सी में तमाम अंतरराष्ट्रीय दबाव को खारिज कर अपनी मनमर्जी चलाने वाले चीन का दबाव भारत पर बेअसर रहा है। 

भारत डोकलाम से एक इंच भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। ऐसे में चीन की सरकार पर डोकलाम को लेकर आंतरिक दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी साल के अंत तक चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का एक अहम सम्मेलन भी होने वाला है। पार्टी में एक धड़ा ऐसा है जो सैन्य संघर्ष के रास्ते डोकलाम मसले का हल निकालने की मांग कर रहा है। इस सबके कारण यहां लीडरशिप पर काफी दबाव बढ़ गया है। 

1 अगस्त को पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 90 साल पूरे हो रहे हैं। चीन मांग कर रहा था कि भारत इस तारीख से पहले डोकलाम से बाहर निकल जाए। चीनी विश्लेषकों का मानना है कि पेइचिंग के रुख में आया यह बदलाव कायम रहने की संभावना है। डोभाल के साथ हुई बातचीत इसी नर्मी का संकेत है। चिनफिंग और डोभाल की बैठक में इस मुद्दे का कोई हल भले ही न निकला हो, लेकिन लगातार चल रही तनातनी के बाद आई यह थोड़ी सी शांति शायद दोनों पक्षों के नेताओं के लिए आपसी सहमति से कोई रास्ता निकालने में मददगार साबित हो।