भारत के इन हथियारों के आगे कहीं नहीं टिकता चीन, चीनी सेना को चटा देंगे धूल

नई दिल्ली (19 जुलाई): सिक्किम क्षेत्र के डोकलाम में भारत और चीन के बीच तनातनी जारी है। दोनो देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के सामने आए एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है। इतने समय में न केवल कूटनीतिक तौर पर, बल्कि सामरिक तैयारियों के मद्देनजर भी चीन इस क्षेत्र में खुद को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

डोकलाम को लेकर भारत के साथ जारी तनाव के बीच चीन ने तिब्बत में दो सैन्य अभ्यासों के बहाने अपने हजारों टन सैन्य साजोसामान इन पठारों की तरफ भेजे हैं। सैन्य तैनाती में यह इजाफा सिक्किम सीमा के पास नहीं, बल्कि पश्चिम में शिनजियांग प्रांत के निकट उत्तरी तिब्बत में किया गया है।

चीन और भारत के बीच अगर युद्ध हो तो ऐसी स्थिती में यदि भारत और चीन के हथियारों की तुलना करें तो भारत के अंतरमहाद्वीप मिसाइल ब्रह्मोस से चीन ने पहले ही अपनी चिंता जाहिर की है।

ब्रह्मोस की स्पीड 3,675 किमी प्रति घंटा है। ब्रह्मोस को लेकर चीन की घबराहट की सबसे बड़ी वजह इसका न्यूक्लियर वॉर हेड तकनीक से लैस होना है। यह 290 किलोमीटर दूरी तक के लक्ष्य को भेद सकती है।

गौरतलब है कि सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की मारक क्षमता मौजूदा 290 किलोमीटर से बढ़ाकर 450 किलोमीटर तक की जाएगी। सभी जानते हैं कि दोनों देशों परमाणु संपन्न हैं।