डोकलाम में मिली हार पर ऐसे इज्जत बचाने में जुटा चीन


नई दिल्ली (1 सितंबर): डोकलाम में भारत की कूटनीती के आगे पीछे हटने को मजबूर हुआ चीन अब अपनी इज्जत बचाने के लिए बहाना बनाने में जुटा है। उसकी सोशल मीडिया में यह मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डोकलाम विवाद खत्म करने के लिए भारत ने उससे 20 बिलियन डॉलर का लोन मांगा है।

हालांकि मीडिया में यह खबर आने के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने इन सभी रिपोर्ट्स को खारिज किया है। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने इन खबरों को लेकर संबंधित सरकारी अधिकारियों से जानकारी ली है और ये रिपोर्ट्स पूरी तरह फर्जी हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी करके कहा कि भारत को 20 बिलियन डॉलर देने की बात गलत है।

चीन भले ही सामने से इन खबरों का खंडन कर रहा हो, लेकिन यहां की सरकारी एजेंसियां और मीडिया जानबूझकर इन अटकलों को हवा दे रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, ऐसा करने का मकसद ये संदेश देना है कि भले ही सैन्य मोर्चे पर टकराव की नौबत न आई हो, लेकिन चीन आर्थिक तौर पर भारत के मुकाबले बेहद ताकतवर है।

बता दें कि समझौते के बाद इस विवादित इलाके में चीन द्वारा सड़क निर्माण का काम रुक गया है। हालांकि, चीनी रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिए कि यह ठहराव क्षणिक है और भविष्य में ऐसी कोशिश फिर हो सकती है। रक्षा मंत्रालय ने कहा था, 'चीनी पक्ष डोकलाम में लंबे वक्त तक गश्त जारी रखेगा ताकि सीमाओं की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा इस इलाके में रहने वाले आम लोगों और सेना के रहने और काम करने के हालात को भी बेहतर किया जाएगा।'