रात के 2 बजे ऐसे निकला डोकलाम विवाद का हल

नई दिल्ली (9 सितंबर): डोकलाम विवाद 73 दिन तक भारत और चीन की मीडिया में छाया रहा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत के बाद यह मसला 27 अगस्त की आधी रात को सुलझा।

एक अंग्रेजी वेबसाइट के अनुसार, 27 अगस्त की शाम को चीन में भारत के राजदूत विजय गोखले को बताया जाता है कि चीनी यह जानने को उत्सुक हैं कि उनसे किस तरह जल्द से जल्द मुलाकात हो सकती है। गोखले ने संदेश दिया कि वह हॉन्ग कॉन्ग में हैं और अगर वह उस समय पेइचिंग जाने वाली पहली फ्लाइट पकड़ें तब भी आधी रात को ही पहुंच सकते हैं। उनसे जितना जल्दी संभव हो सके, पेइचिंग पहुंचने को कहा गया। यह डोकलाम पर गतिरोध को खत्म करने की कोशिश की दिशा में पहला स्पष्ट और गंभीर संकेत था।

तड़के 2 बजे का वक्त था जब गोखले डोकलाम विवाद पर चर्चा के लिए चीन के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मीटिंग के लिए बैठे। दोनों पक्षों को मसले के आपसी स्वीकार्य हल तक पहुंचने में 3 घंटे का वक्त लगा और इसी तीन घंटे ने इन दो बड़े पड़ोसियों के बीच संबंधों की एक नई शुरुआत की नींव रखी। अगले दिन दोनों सरकारों द्वारा किए गए ऐलान ने न सिर्फ दोनों देशों के बीच हाल के दशकों के सबसे बुरे और लंबे वक्त तक चले गतिरोध को खत्म किया।