ISIS को लेकर भारत और चीन ने मिलाया हाथ

नई दिल्ली (13 सितंबर): भारत और चीन एक दूसरे से कई मामलों पर अलग मतभेद रखते हों, लेकिन अब दोनों देशों ने खतरे को भांपते हुए आईएसआईएस के खिलाफ एकजुट होने का मन बनाया है। भारत और चीन की सेनाएं मिलकर जल्द ही साझा अभ्यास भी करने जा रही हैं। इसका नाम 'हैंड इन हैंड' होगा, जिसकी थीम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई है।

इसका आयोजन 15 नवंबर से 27 नवंबर के बीच होगा। भारत और चीन दोनों शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य हैं। इस संगठन में रूस, पाकिस्तान और मध्य एशिया के भी कई देश हैं। इनमें कई देश सीरिया में मौजूदा सरकार का समर्थन कर रहे हैं। रूस, भारत और चीन ने मिलकर RIC भी बनाया है। अप्रैल में इसकी मीटिंग हुई थी, जिसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि इस गठजोड़ को आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करने में अगुवा की भूमिका निभानी चाहिए।

भारत और चीन में तेज विकास के कारण तेल पर निर्भरता बढ़ रही है, जिसके लिए वे मिडल ईस्ट के देशों पर निर्भर हैं। दोनों देशों को मिडल ईस्ट में रहने वाले अपने लाखों प्रवासी कामगारों की आबादी के हितों को भी देखना है। अल कायदा और दूसरे आतंकवादी गुट चीन के महत्वाकांक्षी 'वन बेल्ट वन रोड' प्रोजेक्ट के भी आड़े आ रहे हैं। इसमें चीन करोड़ों रुपये खर्च करने जा रहा है।