भारत के इस कदम से चिंतित हुआ चीन

नई दिल्ली(22 अगस्त): सुरक्षा के मद्देनजर अरुणाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल तैनात करने के निर्णय ने चीन की चिंता बढ़ा दी है। चीन की सरकारी मीडिया पीएलए डेली ने भारत सरकार को चेतावनी दी है कि भारत का यह निर्णय सही नहीं है और चीन माकूल जबाव दे सकता है।

- पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर गठित केबिनेट कमेटी द्वारा तैनाती का निर्णय लेने के बाद सेना ने यह कदम उठाया है। सेना से अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में 100 ब्रह्मोस मिसाइल तैनात करने को कहा गया है। इसके साथ ही पांच मोबाइल लॉंचर्सं, एक मोबाइल कमांड पोस्ट व अन्य सुविधाओं को भी विकसित करने को कहा गया है। ब्रह्मोस के लिए अलग से रेजिमेंट बनाने हेतु 4,300 करोड़ रुपए की अलग से बजट भी जारी किया गया है।

- भारत के इस निर्णय पर सवाल खड़ा करते हुए चीन की सरकारी मीडिया पीएलए डेली ने भारत सरकार को चेतावनी भरे लहजे में बताया है कि सुरक्षा का हवाला देकर भारत आगे आगे चलकर सुखोई और एसयू-39एमकेआई की भी सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात कर सकता है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थिरता को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि ब्रह्मोस की तैनाती से तिब्बत और यूनान प्रांत उसके टारगेट में आ गया है। इससे चीन भी प्रभावी कदम उठाने के लिए मजबूर होगा। डेली ने यह भी आरोप लगाया है कि दरअसल भारत ने यह कदम चीन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में आाधरभूत ढांचे को मजबूत करने एवं तिब्बत और जिनजियांग क्षेत्र में हवाई अड्डा, सड़क, रेल नेटवर्क का विस्तार करने के बाद उठाया है।