MEA के नोट से बड़ा खुलासा, चीन लगातार बढ़ा रहा है अपना बॉर्डर

नई दिल्ली (22 फरवरी): चीन पर स्टैंडिंग कमिटी की बैठक के पहले MEA के नोट से बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें कहा गया है कि चीन लगातार बॉर्डर पर अपना दावा बढ़ा रहा है। वहीं चीन ने पूर्व और दक्षिण में 20-20 किमी का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

कर्नल विनायक भट्ट, नलिन सूरी और रिटायर जनरल दीपक कपूर (पूर्व ऑर्मी चीफ) आज कमिटी के सामने बतौर एक्सपर्ट अपनी बात रखेंगे और चीन के खतरे को आगाह करेंगे। ये नोट MEA की तरफ से विदेश सचिव के नोट के साथ कमिटी के सदस्यों को आज का बैठक से पहले भेजा गया है।

नोट के मुताबिक... - चीन लगातार बॉर्डर पर अपना दावा बढ़ा रहा है। - एक आर्टिकल और मैप के हवाले से बताया कि चीन ने अपने पूर्व और दक्षिण में 20-20 किमी का एरिया बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। - बिना युद्ध किए अपनी शातिर चालों और भारी संख्या में सेना की तैनाती कर चीन अपनी सीमा बढ़ाने और स्टेट्स क्यू को बदलने में लगा है। - यूटांग समेत चुंबी वैली में चीन सभी ऊंचाई वाले पॉइंट पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। - चीन की सेना पहले अवैध तरीके से कब्जा करती है, फिर चीन उसको तर्कसंगत बताता है। - चीन ने भूटान की जमीन में 60km की रोड अवैध तरीके से बना ली है और 32 किमी की सड़क और बनाने जा रहा है। - चीन सीमा पर नए बैरक और मॉडल गांव बना रहा है, जहां हॉन लोगों को बसाया जाएगा। - सीमा पर 2-4 साल में बैरक, बिल्डिंग, वेयर हाउस बनाए गए है, जो एयरपोर्ट के नजदीक है। - बॉर्डर पर चीन रेलवे लाइन का जाल बिछा रहा रहा है जो कि काफी हद तक पूरा भी हो गया है। इस रेलवे लाईन से 3 घंटे में ल्हासा से भारत की सीमा के 15 किमी करीब तक पहुंचा जा सकता है, जोकि गंभीर सुरक्षा खतरा है। - ल्हासा में चीन अंडरग्राउंड मिलिट्री स्ट्रक्चर भी बना रहा है। - सियाचीन के उत्तर में PoK में चीन रोड और मिलिट्री पोस्ट बना रहा है। - चीन ने अकसाई चीन, चुंबी वैली और कोना में रडार लगाए है। - ब्रह्मपुत्र पर 6 डैम बना दिए है, जिससे मुख्य नदी को पूरी तरह रोक दिया है।

भारत को क्या करना चाहिए... - भारत को कैलाश मानसरोवर और इसके आस-पास के इलाके पर दावा करना चाहिए। - साथ ही ब्रिटिश इंडिया के राज और कब्जे वाले इलाके पर भी भारत को दावा करना चाहिए।