सीमा पर भिड़े भारत-चीन के जवान, ऐसे सुलझा मामला

नई दिल्ली(16 जून):भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों के बीच गुरूवार को अरुणाचल प्रदेश में उस समय झडप हुई जब 276 चीनी सैनिक सीमा पर चार विभिन्न स्थानों से भारतीय क्षेत्र में घुस आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना अरुणाचल प्रदेश के यांग्त्से इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शंकर टिकरी में हुई और पीएलए का दावा था कि यह क्षेत्र चीन का है। इस क्षेत्र की सुरक्षा भारतीय सेना करती है।

भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई की और चीनी सैनिकों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अपने जवानों को भेजा। समझा जाता है कि अनुमानित 215 चीनी सैनिकों ने शंकर टिकरी में आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसके साथ ही 20-20 सैनिकों ने अरुणाचल के थांग ला और मेरा गाप से और 21 अन्य सैनिकों ने यांकी-1 से बढ़ने का प्रयास किया।

तनाव कथित तौर पर तभी दूर हुआ जब चीनी सेना के चार अधिकारी एक दुभाषिए के साथ भारतीय सेना के कमांडिंग आफिसर से मिले और उन्हें दो पैकेट चॉकलेट दिए और यांकी-1 चौकी के प्रभारी को एक उपहार का पैकेट भेंट किया। यांग्त्से दोनों देशों के बीच विवादित क्षेत्रों में से एक है और यह भारतीय क्षेत्र है। इस क्षेत्र में चीन के सैनिक 2011 से ही समय समय पर कथित रूप से घुसपैठ करते रहे हैं। इस बीच गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि चॉकलेटों के आदान प्रदान के साथ झड़प समाप्त हो गई। उन्होंने नई दिल्ली में कहा कि चीनी सैनिक सौहार्दपूर्ण तरीके से लौट गए।