भारत और चीन द्विपक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौते पर करेंगे औपचारिक बातचीत

नई दिल्ली ( 29 मई ): भारत व चीन ने द्विपाक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू करने को लेकर सहमत हो गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य एक दूसरे के यहां नौकरी के लिए जाने वाले पेशेवरों व कुशल श्रमिकों को एक साथ दो दो जगह पेंशन कोष में कटौती न करानी पड़े तथा कोष में कटौती वापस भेजने की भी सुविधा हो।भारतीय दूतावास द्वारा जारी विज्ञप्ति में इस बात की जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि पेइचिंग में 28-29 मई को हुई दो दिवसीय बातचीत में इस मामले पर सहमति बनी।विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रटरी (इकनॉमिक डिप्लोमसी ऐंड स्टेट डिविजन) विनोद के जैकब के नेतृत्व में आए भारतीय प्रतिनिधिमंडल और चीन के मानव संसासधन मंत्रालय के डेप्युटी डायरेक्टर जनरल मा हेजू के नेतृत्व में चीनी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत में द्विपाक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौते पर बातचीत करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने इस मसले पर विस्तृत चर्चा की और अगले कदम के बारे में भी विचार किया। अगले दौर की बातचीत अगले साल हो सकती है और वहां फॉर्मल चर्चा होगी।अभी तक भारत ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों के 18 देशों के साथ द्विपाक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौते साइन किए हैं। फिलहाल भारत ब्राजील, रूस, साउथ अफ्रीका, मैक्सिको, पेरू और थाईलैंड के साथ इस बारे में बातचीत कर रहा है। द्विपाक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौते का मकसद विदेशों में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स, स्कील्ड वर्कर की सुरक्षा और फायदा सुनिश्चित करना होता है।