तिब्बती सरकार के निर्वासन प्रमुख लोकेश सांग ने लद्दाख में तिब्बती ध्वज फहराया

दिल्ली (10 जुलाई): भारत और चीनी के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच तिब्बती सरकार के निर्वासन प्रमुख लोकेश सांग ने बुधवार यानि 5 जुलाई को लद्दाख में पांगोंग त्सो झील के तट पर तिब्बती ध्वज फहराया।


आपको बता दें कि पांगोंग त्सो झील एलओसी के पास से गुजरती है। जिसमें से तकरीबन 60 फिसद हिस्सा चीन सीमा पर स्थित है और 40 फीसद हिस्सा भारतीय सीमा पर स्थित है। ये झील दोनो देश की सीमाओं से होकर गुजरती है।


सेंट्रल तिब्बती प्रशासन के प्रवक्ता सोनम नोरबू डिग्पो ने कहा कि जैसा कि आप सब जानते हैं कि राजनीतिक तौर पर झील का आधा हिस्सा भारत की सीमा और आधा हिस्सा चीन के कब्जे में आता है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ये पहली लद्दाख यात्रा है, इसलिए पहली बार झील के नजदीक राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है।


दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें तिब्बती ध्वज फहराने की कोई आवश्यकता नहीं थी। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी डॉ राजेश्वरी पिल्लै राजगोपालन ने कहा कि यह कदम भारत सरकार के ज्ञान के बिना नहीं किया जा सकता था।