कश्मीर पर भारत सरकार ने बदली अपनी नीति

नई दिल्ली (2 मई): भारत सरकार ने कश्मीर पर अपनी नीति में परिवरितन कर दिया है। पाकिस्तान के नेताओं और राजनयिकों की हुर्रियत के नेताओँ से होने वाली मीटिंगों पर त्यौरी चढ़ाने वाली सरकार ने अब नरम रुख अपना लिया है। सरकार ने संसद में एक लिखित जवाब में कहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इन परिस्थितियों में दोनों ओर के कश्मीरी एक दूसरे से मिलते हैं तो भारत सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।

सन् 2001 से अब तक जब-जब भारत ने पाकिस्तान के साथ वार्ता के प्रयास किये हैं। तब-तब पाकिस्तान हुर्रियत नेताओँ से मिलने पहुंच जाते थे। भारत हमेशा इस बात पर आपत्ति करता रहा है। इस बार पहली बार हुआ कि पाकिस्तान दिवस पर पाक राजनयिकों ने हुर्रियत से मुलाकात की और भारत की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी। हालांकि भारत सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब भी कश्मीर पर कोई चर्चा होगी उसमें तीसरे पक्ष का कोई अस्तित्व नहीं होगा। कश्मीर पर शिमला समझौता और लाहौर डिक्लरेशन के तहत ही भारत आगे बढेगा।