चाबहार से पाकिस्तान को निपटाया, अब चीन को ऐसे टक्कर देगा भारत

नई दिल्ली ( 5 दिसंबर ): चाबहार पोर्ट के रास्ते भारत ने पाकिस्तान को करारी पटखनी दी है। इसके बाद भारत अब चीन को पटखनी देने की तैयारी में है। भारत ने चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट का जवाब देने की तैयारी कर ली है। भारत इंटरनेशल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) को तेजी से पूरा करने के लिए जुट गया है। मुंबई को सैंट पीटर्सबर्ग से जोड़नेवाला अंतरराष्ट्रीय उत्तरी-दक्षिणी परिवहन गलियारा (INSTC) अगले महीने के मध्य से संचालित होनेवाला है। इस गलियारे से पहली खेप भारती की ओर से रूस को मिलेगी। 

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मोर्चे पर चीन को टक्कर देने के लिए पिछले 17 सालों से इस प्रॉजेक्ट पर काम चल रहा है। भारत के लिए ईरान के चाबहार बंदरगाह के बाद मध्य एशिया और उसके बाजार तक पहुंचने का यह दूसरा सुगम मार्ग होगा। 

गौरतलब है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच चाबहर पोर्ट के पहले फेज की शुरुआत रविवार को हो गई थी। अब नजरें इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के प्रोजेक्ट पर हैं। इसकी शुरुआत साल 2000 में भारत, ईरान और रूस ने की थी, इसके साथ ही इस योजना का एक ड्राई रन साल 2014 में हो चुका है।

भारत, ईरान और रूस ने सितंबर 2000 में INSTC अग्रीमेंट पर दस्तखत किया था। इसके तहत हिंद महासागर ओर फारस की खाड़ी को ईरान और सैंट पीटर्सबर्ग के रास्ते कैस्पियन सागर से जोड़ते हुए सबसे छोटा बहुआयामी परिवहन मार्ग तैयार किए जाने पर सहमति बनी थी। रसियन फेडरेशन के जरिए उत्तरी यूरोप तक सहज पहुंच हो जाएगी। इस कॉरिडोर की अनुमानित क्षमता प्रति वर्ष 2 से 3 करोड़ टन वस्तुओं की ढुलाई की है।