तिलमिलाए चीनी मीडिया ने कहा, ताकत में भारत से बहुत आगे चीन

नई दिल्ली ( 28 जून ): घुसपैठ पर जारी आरोप-प्रत्‍यारोप के बीच तिलमिलाए चीन ने एक और चाल चली है। इस बार भारत पर वार करने के लिए सरकारी मीडिया का सहारा लिया है। इसके बहाने चीन ने भारत को 'उद्दण्ड' बताया है और कहा है कि उसे नियमों का पाठ पढ़ाने की जरूरत है।


इतना ही नहीं चीन की सरकारी अखबार 'ग्‍लोबल टाइम्‍स' के एक लेख में यह भी कहा गया है कि भारतीय खुद को 'कूटनीतिक रूप श्रेष्ठ' और 'अहंकारी' समझते हैं, क्‍योंकि उन्‍हें चीन के खिलाफ अमेरिका से समर्थन मिल रहा है।


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लेख में चेतावनी भरे अंदाज में यह भी कहा गया है कि भले ही जीडीपी विकास को लेकर भारत का मनोबल काफी बढ़ गया है, मगर उसे याद रखना चाहिए कि राष्‍ट्रीय ताकत के मामले में वह चीन से बहुत पीछे है। सीमा मुद्दों पर भारत चीन की बराबरी नहीं कर सकता है।


अखबार ने भारत को यह भी याद दिलाया है कि ताकत के मामले में वह उससे कहीं आगे है। चीनी मीडिया के मुताबिक, भारत को अमेरिका की ओर से जो सामरिक समर्थन मिल रहा है, वह सतही है और उसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।


लेख के अनुसार, चीन सीमा विवादों को मुद्दा बनाने से बचता है। बीजिंग की मूल नीति भारत के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाने की है, मगर यह आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए।


गौरतलब है कि चीन ने सिक्किम क्षेत्र में भारतीय सैनिकों द्वारा सीमा पार करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में लेख में कहा गया है कि लेख में यह साफ नहीं है कि यह भारतीय सैनिकों की गलती है या यह भारतीय सरकार की कोई रणनीति है। जो भी मकसद हो चीन अपनी बात पर कायम रहेगा। उसे भारतीय सैनिकों को किसी भी तरह वापस जाने के लिए बाध्य करना चाहिए और चीन में सड़क निर्माण का कार्य रुकना नहीं चाहिए।