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बेहतर इलाज के अभाव में 68% कैंसर मरीजों की हो रही मौत, संसदीय समिति ने जताई चिंता

देश में कैंसर से पीड़ित मरीजों की मौत की बढ़ती संख्या पर संसदीय समिति ने चिंता जाहिर की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि करीब 68 फीसदी कैंसर पीड़ित मरीजों की मौत हो जा रही है।

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मनीष कुमार, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(12 नवंबर): देश में कैंसर से पीड़ित मरीजों की मौत की बढ़ती संख्या पर संसदीय समिति ने चिंता जाहिर की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि करीब 68 फीसदी कैंसर पीड़ित मरीजों की मौत हो जा रही है। जिसे देखते हुये संसदीय समिति ने केंद्र सरकार से मुंबई के कैंसर अस्पताल टाटा मेमोरियल सेंटर के तर्ज पर देश में कैंसर के इलाज के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, उत्तम इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने और कैंसर के इलाज को अफोर्डेबल यानि सस्ता करने का सुझाव दिया है। विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और वायु परिवर्तन मंत्रालय से जुड़े संसदीय समिति के अध्यक्ष जयराम रमेश ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडु को ये रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट का शीर्षक है टाटा मेमोरियल सेंटर के एनलार्ज नेटवर्क के जरिये भारत में कैंसर के इलाज में डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी की भूमिका। आपको बता दें डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी की टाटा मेमोरियल सेंटर के साथ साझेदारी भी है। 

संसदीय समिति ने कैंसर मरीजों की मौत की बढ़ती संख्या को देखते हुये टाटा मेमोरियल अस्पताल द्वारा प्रस्तावित देशभर में कैंसर के इलाज के लिये हब एंड स्पोक मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया है। टाटा मेमोरियल सेंटर ने अपने सिफारिश में कहा है कि कैंसर के मरीजों और उनके परिवारजनों के दिक्कतों को देखते हुये मरीजों को घरों ( स्पोक)  के नजदीक ही कॉमन एंड़ लेस कॉम्पलेक्स कैंसर केयर फैसिलिटी खोले जाने की जरुरत है। असामान्य कैंसर और जटिल बीमारी से जो मरीज पीड़ित है उन्हें एक्सपर्ट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के जरिये ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिये। इस हब मॉडल के तहत वाराणसी के रेलवे अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

ऐसे क्षेत्र जहां कैंसर की बीमारी के लक्षण ज्यादा पाई जा रही है, संसदीय समिति ने वहां टाटा मेमोरियल सेंटर के हब एंड स्पोक मॉडल के तर्ज पर ज्यदा से ज्यादा सेंटर खोलने का सुझाव दिया है। इस सुझाव को अमलीजाना पहनाने के लिये समिति ने एक स्टीयरिंग कमिटी बनाने का सुझाव दिया है जिसमें सभी राज्यों के मुख्य सचिव, केंद्र शाषित प्रदेशों के एडमिनिस्ट्रेटर और टाटा मेमोरियल सेंटर के डॉयरेक्टर शामिल हों और इस समिति की अध्यक्षता डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी के राज्यमंत्री करें। संसदीय़ समिति ने उत्तर पूर्वी राज्यों में कैंसर पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर करते हुये गोवहाटी के डॉक्टर बी बरुआ कैंसर इंस्टीच्युट के विस्तार करने और कैंसर के इलाज के लिये इस अस्पताल को क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने का सुझाव दिया है। समिति ने उम्मीद जाहिर किया है कि केंद्र सरकार इस रिपोर्ट का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेगी।

 

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