नहीं बच पाएंगे पाकिस्तान-चीन, भारत बना रहा है 6 परमाणु पनडुब्बी

नई दिल्ली (1 दिसंबर): अपनी ताकत को बढ़ाते हुए भारत ने नौसैनिक बेड़े को अत्याधुनिक बनाने तथा परमाणु शक्ति से लैस करने के लिए छह और परमाणु पनडुब्बी बनाने का महत्वाकांक्षी मिशन शुरू किया है। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा इस बारे में जानकारी दी।

एडमिरल लांबा ने कहा कि क्षेत्र में पारंपरिक और गैर पारंपरिक चुनौतियों को देखते हुए स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखने तथा उससे निपटने के कदम उठाए जाने की जरूरत है। भारतीय युद्धपोत हिन्द महासागर में आने-जाने के अदन की खाड़ी से लेकर मलक्का जल डमरू मध्य और सुंडा तथा लुंबोक जल डमरू मध्य तक के सभी रास्तों पर 24 घंटे नजर बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए समुद्र की गहराईयों से मार करने की नौसेना की क्षमता बढाने के लिए भारत ने 6 और परमाणु पनडुब्बी बनाने की परियोजना शुरू कर दी है।

लांबा ने कहा, “हमने 6 परमाणु पनडुब्बी बनाने की परियोजना शुरू कर दी है, हालांकि मैं इसके बारे में और जानकारी साझा नहीं की जा सकती।” उन्होंने कहा कि वह आश्वस्त करना चाहते हैं कि नौसेना देश के समुद्री हितों की रक्षा करने तथा समुद्री क्षेत्रों में नौवहन के अनुकूल माहौल बनाये रखने के लिए हर समय पूरी तरह तैयार है। भारतीय नौसेना के पास अभी दो परमाणु पनडुब्बी देश में ही बनी अरिहंत तथा रूस से लीज पर ली गई चक्र हैं। छह और परमाणु पनडुब्बी बनाने का काम नौसेना के पनडुब्बी बेड़े की इस साल मनायी जा रही स्वर्ण जयंती के दौरान शुरू किया गया है। अभी नौसेना के लिए विभिन्न श्रेणी के 34 जलपोत बनाये जा रहे हैं और गौरव की बात यह है कि ये सभी भारतीय शिपयार्डों में बन रहे हैं। स्वदेशी विमानवाहक पोत का काम भी तेजी से चल रहा है और इसके वर्ष 2020 तक नौसेना के बेडे में शामिल होने की उम्मीद है।