...इस वजह से भारत से नफरत करता है बांग्लादेश


नई दिल्ली(15 जून): चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और बांग्लादेश के बीच सेमीफाइनल मुकाबला आज खेला जाएगा। बीते कुछ सालों से बांग्लादेश भारत के खिलाफ मुकाबले को लड़ाकू अंदाज में खेलता आ रहा है। ग्राउंड पर झगड़ा कर लेना, सोशल मीडिया पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों का टीम इंडिया का मजाक उड़ाना और फोटो के जरिए टीम इंडिया को नीचा दिखाना।


- हर मैच में कुछ न कुछ ऐसा होता है जिससे लगता है कि ये बांग्लादेश नहीं बल्कि पाकिस्तान है। बांग्लादेश नफरत का खेल खेलने में कभी पीछे हटता नहीं दिखा। हर बार की तरह इस बार भी बांग्लादेश ने सोशल मीडिया पर ऐसी हरकत की है जो किसी इंडियन फैन के गले से नीचे नहीं उतर रही है। इस बार बांग्लादेश ने शेर पर अपना झंडा लगाया तो वहीं डॉग के ऊपर भारत का लगा दिया। जिससे सोशल मीडिया पर उसकी काफी 

आलोचना हो रही है।


- बता दें, पिछली बार वनडे सीरीज में बांग्लादेश ने टीम इंडिया के प्लेयर्स के सिर से फोटोशॉप की मदद से सिर के बाल हटा दिए थे। यही नहीं टी20 वर्ल्ड कप के दौरान उसने बॉलर तस्कीन अहमद के हाथ में धोनी का सिर पकड़ा दिया था।


- शायद बांग्लादेश ये भूल चुका है कि उसको आजाद कराने में भारत का ही हाथ था।


- आइए जानते हैं क्यों बढ़ी इतनी नफरत...


कभी पूर्वी पाकिस्तान रहा बांग्लादेश आज यदि आजाद देश है तो उसमें भारत की भूमिका मां की तरह है। पाकिस्तानी सेना के जुल्म, कत्लेआम और बलात्कार से उसे भारत ने बचाया। वहां की मुक्ति बाहिनी को पूरा समर्थन दिया।


1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश आजाद हो गया। आजाद बांग्लादेश भारत की तर्ज पर एक सेक्युलर लोकतंत्र की राह पर जाना चाहता था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और इस्लामिक कट्टरपंथियों के दबाव में 1988 में पाकिस्तान की तर्ज पर बांग्लादेश ने भी खुद को इस्लामिक राज्य घोषित कर दिया।


भारत की आजादी के पहले से मुस्लिम बहुत पूर्वी बंगाल में हिंदुओं का दमन शुरू हो चुका था। आजाद होने के बाद ईस्ट पाकिस्तान में 1971 तक बड़ी संख्या में हिंदुओं का कत्लेआम हुआ। लेकिन पाकिस्तान से आजाद होने के बाद भी बांग्लादेश में हिंदुओं का दमन नहीं रुका और अभी तक जारी है। 1971 में बांग्लादेश बना। उस वक्त 85% मुस्लिम थे और 14 % हिंदू. 2011 में 90% मुस्लिम हो गए और हिंदू घटकर 8% रह गए।

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले में बांग्लादेशी दर्शकों का झुकाव इस मसले का साफ करता है। वे पाकिस्तान को सपोर्ट करते हैं। यह नफरत महज इसलिए कि पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश भी अब एक इस्लामिक राज्य है और हिंदुओं से नफरत करना उनका धर्म सिद्ध अधिकार है। यही वजह है कि वेस्टइंडीज से भारत की हार में भी वे खुशी मनाते हैं।