पाक-चीन पर निगरानी के लिए अमेरिका से आएगा ड्रोन, जल्द होगी डील

नई दिल्ली (29 अगस्त): भारत पाकिस्तान और चीन से लगी सीमा पर निगरानी बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारत ने अमेरिका से प्रीडेटर XP सर्विलांस ड्रोन खरीदने की तैयारी कर ली है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अमेरिका यात्रा के दौरान प्रीडेटर ड्रोन खरीदने पर अंतिम मुहर लग सकती है। गौरतलब है, अमेरिका खासतौर से पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अलकायदा और तालिबानी आतंकवादियों को खोजने और उन्हें समाप्त करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।

- रिपोर्ट के मुताबिक, माना जा रहा है कि पर्रिकर का यह दौरा इस समझौते की अंतिम शर्ते तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। - रक्षा मंत्रालय सेना को मानवरहित तकनीक से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। - अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य संबंधों को देखते हुए भारत ने मानवरहित प्रीडेटर ड्रोन के बारे में बात की है। - अमेरिकी सरकार ने पिछले साल भारत को प्रीडेटर XP बेचने के लिए जनरल ऐटॉमिक्स के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। - नौसेना इन्हें हिंद महासागर की निगरानी करने के लिए खरीदना चाहती है। - प्रीडेटर ड्रोन लगातार 35 घंटे तक आकाश में चक्कर लगा सकते हैं। - इन्हें इस लिहाज से भी जरूरी माना जा रहा है कि चीन हिंद महासागर क्षेत्र में लगातार जहाजों और पनडुब्बियों की मौजूदगी बढ़ा रहा है। - रक्षा जानकार मेजर जनरल पी के सहगल के मुताबिक लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक लगने वाली सरहद पर चीनी सेना के बार-बार घुसपैठ के मद्देनजर भारत इन मानवरहित विमानों के जरिए अपनी तैनाती को मजबूत करना चाहता है।  - इसी तरह पाकिस्तान से से लगने वाली सरहद पर घुसपैठ को रोकने और आतंकियों को निशाना बनाने में प्रीडेटर ड्रोन इस्तेमाल हो सकता है। - प्रीडेटर ड्रोन का इस्तेमाल अमेरिका अफगानिस्तान में कर रहा है। तालिबान प्रमुख बैतुल्ला महसूद भी प्रीडेटर ड्रोन हमले में ही मारा गया था।  - बैतुल्ला पर हवाई हमला किया गया था, लेकिन इस हमले की ट्राजेक्टरी और लक्ष्यभेदी कारस्तानी हजारों मील दूर अमेरिकी मिलिट्री बेस से संचालित हो रही थी।