भारत का अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब, 29 उत्पादों पर लगाया अतिरिक्त आयात शुल्क

Trump-Modi

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 जून): अमेरिका भले की भारत से दोस्ती की बड़ी-बड़ी बातें करें लेकिन उसके लिए व्यापारिक हित सबसे ऊपर है। इसी कड़ी में अमेरिका ने पिछले दिनों भारत को 44 साल पहले मिला कारोबारी वरीयता का दर्जा वापस ले लिया है। डोनाल्ड ट्रम्प सरकार ने कहा है कि पांच जनू से भारत के करीब 2000 उत्पादों को प्रवेश शुल्क में दी गई छूट को खत्म कर दिया था। इस फैसले से भारत के कुछ उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो गए। भारत की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्रभावित हुई है। दरअसल GPS स्कीम के तहत अमेरिका चुनिंदा देशों के हजारों उत्पादों को शुल्क से छूट देकर आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने का काम करता है। इसमें ज्यादातर विकासशील देश आते हैं। लगभग 120 विकासशील देशों को GPS का लाभ मिलता है।

अमेरिका के इस कदम पर भारत में भी प्रतिक्रिया निश्चित थी। इसी कड़ी में भारत ने अमेरिका को उसी की भाषा में करारा जवाब दिया है। भारत अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कई कृषि उत्पाद समेत 29 आइटम पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया है। इसका मतलब साफ है कि अमेरिका को अब अपने प्रोडक्ट भारत में बेचने के लिए ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। भारत सरकार ने बादाम, अखरोट और दालों समेत 29 अमेरिकी वस्तुओं पर 16 जून से जवाबी आयात शुल्क लगाने का फैसला किया है। इससे पहले सरकार इसे लागू करने की समयसीमा को कई बार बढ़ा चुकी है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि वित्त मंत्रालय बहुत जल्द इस बारे में अधिसूचना जारी करेगा। सरकार के इस कदम से इन 29 वस्तुओं का निर्यात करने वाले अमेरिकी निर्यातकों को अब ऊंचा शुल्क चुकाना होगा।  इससे देश को 21.7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।

इन सामानों पर बढ़ सकती हैं ड्यूटी...

- काबूली चने पर 30 फीसदी से बढ़ाकर ड्यूटी 70 फीसदी करने की तैयारी

- चने पर ड्यूटी 30 फीसदी से से बढ़ाकर 70 फीसदी हो सकती है

- मसूर दाल पर 30 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी हो सकती है

- सेब पर 50 फीसदी की जगह अब 75 फीसदी टैक्स लगेगा

- साबूत अखरोट पर 30 फीसदी की बजाय 120 फीसदी टैक्स लगेगा

- आयरन के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट 15 फीसदी  से बढ़कर 27.5 फीसदी करने की तैयारी

-  स्टील के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट 15 फीसदी से बढ़कर 22.5 फीसदी हो सकता

गौरतलब है कि अमेरिका ने पिछले साल मार्च में स्टील पर 25 फीसदी और एल्युमीनियम उत्पादों पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगाया था। भारत अमेरिका में इन वस्तुओं के प्रमुख निर्यातकों में से एक है, जिस कारण अमेरिका के इस कदम से भारत के राजस्व पर असर पड़ा। इसके जवाब में ही भारत ने अब 29 अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाने का फैसला किया है।