'भारत के खिलाफ तालिबान का इस्तेमाल कर रहा है पाकिस्तान'

नई दिल्ली(2 मई): अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ हक्कानी नेटवर्क और तालिबान का इस्तेमाल कर रहा है। अफगानिस्तान और भारत एक-दूसरे के मजबूत सहयोगी हैं और ये पाकिस्तान को मंजूर नहीं है, क्योंकि भारत दुश्मन है।


- इंटरनेशनल सिक्युरिटी एंड डिफेंस पॉलिसी सेंटर, रैंड कॉरपोरेशन के डायरेक्टर सेथ जोंस ने कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर और अफगानिस्तान में अपनी विदेश नीति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक बार फिर हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे गुटों को सपोर्ट करना शुरू कर दिया है।


- जोंस ने पिछले हफ्ते कांग्रेस हियरिंग के दौरान कांग्रेसमैन टेड पो के सवाल के जवाब में कहा कि ये एक प्रॉक्सी वार (छद्म युद्ध) है।


- लॉन्ग वार जर्नल के एडिटर बिल रोजियो ने कहा, "पाकिस्तान अपनी विदेश नीति के साथ ही चल रहा है। उसकी विदेश नीति हर चीज को भारत से युद्ध के नजरिए से देखना है।"


- ये दुर्भाग्यपूर्ण है अफगानिस्तान में भारत से लड़ने के इरादे से पाकिस्तान से ही निकले इन जिहादी ग्रुप्स वापस आ गए हैं। इनमें से कई ऐसे हैं, जिन्होंने पाकिस्तान में भी हमले किए।


- रोजियो ने कहा, "जब तक पाकिस्तान की सरकार, मिलिट्री इंटेलिजेंस इन ग्रुप्स की गिरफ्त में रहेंगे, ये मुश्किल दशकों तक बनी रहेगी।"


- हियरिंग में कांग्रेस मैन टेड पो ने कहा, "पिछले कुछ साल के दौरान अमेरिका ने पाकिस्तान को किसी ना किसी मदद के तौर पर करीब 33 बिलियन डॉलर यानी 2 लाख करोड़ रुपए दिए हैं। पाकिस्तान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हक्कानी नेटवर्क को सपोर्ट करता है।'


- हक्कानी नेटवर्क के बारे में हम पहले ही बता चुके हैं कि ये वो ग्रुप है, जिसने किसी दूसरे टेररिस्ट ग्रुप के मुकाबले ज्यादा अमेरिकियों को मारा है। मेरे हिसाब से ये एक ऐसी चीज है, जो हमें स्वीकार नहीं करनी चाहिए। हम ऐसे देश को पैसा देना स्वीकार नहीं कर सकते हैं, ऐसे टेररिस्ट ग्रुप को सपोर्ट करता है, जो अमेरिकियों की जान लेता है।