Ind V WI : दूसरे टेस्ट में जीत के लिए भारत के काम आएगा ये 'फॉर्मूला'

नई दिल्ली (30 जुलाई): सबीना पार्क में शनिवार को टीम इंडिया और वेस्ट इंडीज़ के बीच दूसरे टेस्ट मैच शुरू हो रहा है। यहां पिछली बार 1998 में कोई टेस्ट मैच ड्रॉ छूटा था। तब से लेकर अभी तक इस ग्राउंड पर 15 टेस्ट मैच खेले गए हैं और सभी टेस्ट का रिजल्ट निकला है। 

- विदेशी धरती पर जहां भारतीय टेस्ट रेकॉर्ड को सुधारने के लिए कैप्टन विराट कोहली काफी बेताब हैं। ऐसे में ग्राउंड का यह रेकॉर्ड उन्हें जरूर एक्साइटिंग लग रहा होगा। 

- चार टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय टीम 1-0 की बढ़त बना चुकी है। ऐसे में विराट की अगुआई वाली भारतीय टीम शनिवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच में भी अपना दबदबा कायम रखना चाहेगी।

- हालांकि, इस बार चुनौती आसान नहीं होने वाली, क्योंकि एंटिगा की धीमी पिच के उलट सबीना पार्क में हरी पिच भारतीय टीम का इंतजार कर रही है। एंटिगा में बोलर्स के सामने 20 विकेट निकालने की चुनौती थी तो यहां असल परीक्षा बैट्समेन की होगी। 

- पिछले रेकॉर्ड यही बताते हैं कि 2008 के बाद यहां कोई भी टेस्ट पांच दिन तक नहीं चला है। उसके बाद से यहां हुए पांचों टेस्ट चार दिन के भीतर खत्म हो गए जिनमें से एक 2011 में भारत ने 63 रन से जीता था। 

- यह कहना मुश्किल है कि हरी पिच से किस टीम को अधिक खुशी होगी, लेकिन मेजबान टीम को इससे मुकाबला संतुलित लगेगा। भारतीय टीम को भी आत्ममुग्ध होने से बचकर खेलना होगा। क्योंकि अभी सीरीज में तीन टेस्ट बाकी हैं।

कोऑर्डिनेशन से बनेगा काम

- टीम संयोजन दूसरा मसला है। जिसमें कैप्टन विराट को तय करना है कि क्या वह फिर पांच बोलर्स को लेकर उतरना चाहेंगे। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछले साल घरेलू सीरीज में कठिन विकेटों पर उन्होंने यह स्ट्रेटजी नहीं अपनाई थी। 

- श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में ग्रीन ट्रैक पर उन्होंने स्टुअर्ट बिन्‍नी को उतारा था। वेस्टइंडीज टीम अगर एक या दो एक्सट्रा फास्ट बोलर्स को उतारती है तो भारत को एक एक्स्ट्रा स्पेशलिस्ट बैट्समैन की जरूरत होगी। टॉप ऑर्डर के तीन बैट्समेन विजय, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे ने एंटीगा में 566 में से सिर्फ 45 रन बनाए थे। 

- कोहली को अपने बोलर्स के कार्यभार पर भी गौर करना होगा। बैट्समैन को उतारने के मायने हैं कि तीनों फास्ट बॉलर्स को एक्स्ट्रा ओवर फेंकने होंगे। ऐसे में वह बिन्‍नी को उतार सकते हैं जो लोअर मिडल ऑर्डर में बैटिंग के साथ मीडियम पेस बोलिंग भी कर सकते हैं। ऐसे में अमित मिश्रा को बाहर रहना होगा। क्योंकि आर अश्विन ने पहले टेस्ट में बेहतरीन ऑलराउंडर प्रदर्शन किया।