INDvsAUS: कोहली ने इस बात के लिए ऑस्‍ट्रेलियाई टीम की तारीफ की

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 दिसंबर): टीम इंडिया ने 31 रन से ऐडिलेड टेस्ट जीत लिया है। 15 साल बाद ये पहला मौका है जब भारत ने एडिलेड के ओवल के मैदान में कोई टेस्ट मैच जीता है। इससे पहले भारत ने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच दिसंबर 2003 में सौरभ गांगुली की कप्तानी में जीता था। 

भारतीय टीम ने इस मैच में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से मात दी थी। इतना ही नहीं भारत ने 10 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट मैच जीता है। आखिरी बार भारत को 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में जीत मिली थी। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई धरती पर भारत को 45 टेस्ट मैचों में छठी जीत हासिल हुई। 

आपको बता दें कि कंगारू गेंदबाजों ने टीम इंडिया को पहली पारी में 250 रनों पर समेट दिया था।  इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने भी ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 235 रनों पर ऑलआउट कर दिया। इस तरह पहली पारी के आधार पर भारत को 15 रनों की बढ़त मिली। वहीं भारत की दूसरी पारी 307 रन पर सिमट गई। इसी के साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 323 रनों का लक्ष्य दिया। 323 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पूरी कंगारू टीम 291 रनों पर ही सिमट गई। 

जीत के बाद टीम इंडिया के कप्‍तान विराट  कोहली ने माना कि ऑस्‍ट्रेलियाई टीम ने दूसरी पारी के दौरान जबर्दस्‍त संघर्षक्षमता दिखाई। मैच के आखिरी क्षणों में ऑस्‍ट्रेलिया के निचले क्रम के बल्‍लेबाजों के कारण भारतीय खेमे में आई चिंता के क्षणों का जिक्र करते हुए विराट ने कहा-टेस्‍ट क्रिकेट में ऐसी चीजें होती रहती हैं, उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।

विराट ने कहा कि ऑस्‍ट्रेलिया ने जोरदार संघर्ष किया लेकिन हमने अपनी योजना पर अमल किया और आखिरी विकेट हासिल करने में सफल रहे। क्‍या मैच के दौरान एडिलेड की गर्मी के कारण परेशानी हुई, इसके जवाब में विराट ने कहा, 'मैं यह तो नहीं कहूंगा कि यहां मौसम बर्फ की तरह ठंडा था लेकिन आप इसे (परेशानी को) प्रदर्शित नहीं कर सकते।

टीम इंडिया के कप्‍तान ने कहा, मुझे अपने गेंदबाजों पर गर्व है जिन्‍होंने मैच में 20 विकेट हासिल किए। यह बड़ी उपलब्धि है। यह ऐसी बात हैं जो हम पिछले मैचों में नहीं कर रहे थे। यह दर्शाता है कि यदि हमारे बल्‍लेबाज नियमित रूप से अच्‍छा प्रदर्शन करते हैं तो हम लगभग हर टेस्‍ट में जीत के लिए जो सकते हैं। ऑस्‍ट्रेलियाई टीम की ओर से किए गए संघर्ष के बावजूद यह कहना चाहूंगा कि भारतीय टीम बेहतर साबित हुई और जीत की हकदार थी।