BREAKING: रडार पर नेता का अकाउंट, नोटबंदी में जमा हुए 246 करोड़

नई दिल्ली (9 सितंबर): नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ने ऑपरेशन ब्लैक मनी पार्टी टू शुरू कर दिया है। जिसमें नोटबंदी के दौरान काले धन को सफेद करने वालों की तलाश करके उनपर शिकंजा कसने का काम किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला आयकर विभाग (तमिलनाडु) ने पकड़ा है, जिसमें उसे 246 करोड़ रुपये के बेनामी बैंक डिपॉजिट का पता लगा है।

यह बेनामी बैंक डिपॉजिट सिंगल ट्रांजैक्शन में किया गया है। आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि यह डिपॉजिट नोटबंदी यानी 8 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच किया गया था और इसके तार एक जाने-माने नेता से जुड़े हैं। विभाग को शक है कि यह पैसा उस नेता का ही है। आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया, 'हमने जांच में पाया कि एक व्यक्ति के खाते में 246 करोड़ रुपये जमा हुए। यह पैसे बैंक के शाम को बंद होने के बाद जमा किए गए थे। नोटबंदी के दौरान जमा हुए पैसों का सबसे बड़ा अमाउंट था।'

विभाग ने जांच में यह भी पाया कि तमिलनाडु में कुल 240 करोड़ रुपये के डिपॉजिट का पता नहीं लगाया जा सका है। यह डिपॉजिट 441 खातों में किया गया है, लेकिन अकाउंट होल्डर्स की जानकारी विभाग को नहीं मिल पाई है। नोटबंदी की घोषणा होने के बाद संदिग्ध ट्रांजैक्शन करने वाले 27,739 बैंक खातों के मालिकों को वेरिफिकेशन के लिए नोटिस भेजा गया है।

आयकर विभाग नोटबंदी के बाद खातों की जांच कर रहा है। संदिग्ध खातों की जांच का यह दूसरा चरण है। एक अधिकारी ने बताया, 'यह जांच आरबीआई द्वारा उपलब्ध कराई गए संदिग्ध जमा की जानकारी के बाद हो रही है। हमने 27,739 खाताधारकों को नोटिस भेज उनके खाते में जमा रकम का सोर्स दिखाने को कहा है। हमें 18,220 खाताधारकों की तरफ से जवाब आया है। बाकी बचे खाताधारकों ने कई बार याद दिलाने पर भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है।'