भोपाल में बीजेपी के एक बड़े नेता के आठ ठिकानों पर आयकर के छापे

नई दिल्ली (20 दिसंबर): इनकम टैक्स विभाग की टीम ने भोपाल स्थित बीजेपी नेता और महानगर कोऑपरेटिव बैंक के संस्थापक अध्यक्ष सुशील वासवानी के 8 ठिकानों पर छापे मारे। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक सुशील वासवानी और उनका परिवार महानगर बैंक के जरिए ब्लैक मनी को वाइट करने का काम कर रहा था। राज्य सड़क परिवहन निगम में बस कन्डक्टर से अपना करियर शुरू करने वाले सुशील वासवानी बीजेपी के रसूखदार नेता हैं। वे संघ से भी जुड़े हुए हैं। इस समय वासवानी और उनका परिवार अरबों की संपत्ति का मालिक है। फर्श से अर्श तक के सफर में वासवानी ने बहुत जल्दी ऊंचाई हासिल की है। उन्होंने महानगर सहकारी बैंक की स्थापना की थी। अभी उनकी पत्नी इसकी अध्यक्ष हैं।

इस बैंक के संचालक मंडल में शिवराज मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य उमाशंकर गुप्ता और संघ के वरिष्ठ सदस्य शशिभाई सेठ के नाम भी हैं। आयकर सूत्रों के मुताबिक यह जानकारी मिली थी कि महानगर कोऑपरेटिव बैंक के जरिए बड़े पैमाने पर पुराने बंद हो चुके नोट खपाये गए हैं। एक इनकम टैक्स अधिकारी आरके पालीवाल ने बताया कि महानगर कोऑपरेटिव बैंक में 8 नवंबर से 15 नवंबर के बीच हुए ट्रांजैक्शन्स की जांच की जाएगी। इनकम टैक्स के अधिकारी लंबे समय से वासवानी और उनके परिजनों पर नजर रखे हुये थे। मंगलवार सुबह 8 टीमों ने 8 जगह पर एक साथ कार्रवाई शुरू की।

इस बीच संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शशिभाई सेठ ने यह माना है कि सुशील वासवानी से उनके करीबी रिश्ते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि वासवानी के कारोबार से उनका कोई लेना-देना नही हैं। सेठ इस समय संघ की विद्या भारती शाखा का काम देख रहे हैं। वे संघ द्वारा संचालित शारदा विहार स्कूल की समिति के चेयरमैन भी हैं। वासवानी के यहां छापों के बाद उन नेताओं में खलबली मच गयी है जिन्होंने पिछले 40 दिन में बड़े पैमाने पर काला धन सफेद करवाया है।