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सावधान: इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरने वालों की बढ़ने वाली है मुश्किलें

इनकम टैक्स विभाग ने कई ऐसे कई लोगों की पहचान की है जिन्होंने साल 2017-18 में बड़ा लेन देन किया लेकिन 2018-19 में आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया। आयकर विभाग ने ऐसे लोगों को सलाह दी है कि 21 दिन के भीतर वो अपना रिटर्न दाखिल करें या ऑनलाइन सिस्टम के जरिये अपना पक्ष रखें।

न्यूज 24 ब्यूरो, मनीष कुमार, नई दिल्ली (22 जनवरी):  इनकम टैक्स विभाग ने कई ऐसे कई लोगों की पहचान की है जिन्होंने साल 2017-18 में बड़ा लेन देन किया लेकिन 2018-19 में आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया। आयकर विभाग ने ऐसे लोगों को सलाह दी है कि 21 दिन के भीतर वो अपना रिटर्न दाखिल करें या ऑनलाइन सिस्टम के जरिये अपना पक्ष रखें।

अगर जवाब संतोषजनक पाया गया मामले को ऑनलाइन ही खत्म कर दिया जाएगा लेकिन जवाब नही आने आयकर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इनकम टैक्स विभाग ने ऐसे लोगों की पहचान की जिन्हें 2018-19 एसेसमेंट ईयर में आयकर रिटर्न भरना था। इनकम टैक्स विभाग ने नॉन फाइलर मॉनिटरिंग सिस्ट्म के जरिये ऐसे लोगों का पता लगाया है।

आयकर विभाग डेटा एनालिटिक्स के इस्तेमाल करके नॉन फाइलर्स मोनिटरिंग सिस्टम (NMS) के जरिये रिटर्न नही दाखिल करने वालों की पहचान की है। नॉन फाइलर मॉनिटरिंग सिस्टम ऐसे लोगों की पहचान करता है जिन्होंने हाई वैल्यु ट्राजैक्शन किया है, जिनपर टैक्स देनदारी बनती है लेकिन इन लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरा है। ऐसे लोगों का पता उनके फाइनैशियल ट्राजेक्शन के स्टेटमेंट, टीडीएस, टीसीएस, foreign remittances, exports और imports data से किया गया है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उन लोगों के पीछे पड़ी है जिन्होंने बकाया चुकाए बिना 'सेल्फ असेसमेंट टैक्स' पेमेंट के क्रेडिट हासिल कर लिए हैं। इन करदाताओं पर डिपार्टमेंट का 5 हजार करोड़ रुपये बकाया हो गया है। दरअसल, ऐसी स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पिछले वित्त वर्ष के इनकम टैक्स रिटर्न्स की प्रोसेसिंग नहीं कर पाया। इसलिए वह इस बकाया रकम की वसूली के लिए अब असेसीज से संपर्क साध रहा है। विभाग के कुछ अधिकारियों ने यह बात बताई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हम उन्हें रिमांडर्स भेज रहे हैं और बकाया चुकाने का आग्रह कर रहे हैं ताकि टैक्स रिटर्न्स की प्रोसेसिंग हो सके।'

आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि इनमें कुछ टैक्सपेयर्स सेल्फ असेसमेंट टैक्स चुकाने को राजी हैं। हालांकि, टैक्स एक्सपर्ट्स को यह पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर टैक्स पेमेंट कैसे नहीं हुआ, खासकर तब जब सुविधाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए चेक्स ऐंड बैलेंसेज का बढ़िया सिस्टम काम कर रहा है।

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