फेल होगी पीएम की यह स्कीम, कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है इनकम टैक्स विभाग!


प्रशांत देव, नई दिल्ली (29 नवंबर):
काले धन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक तो कर दी लेकिन, जिसके दम पर काले धन की पहचान की जाएगी, वहां लोगों की भारी कमी है। जी हां, आयकर विभाग में आज कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक की भारी कमी है। जो इन नई चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग इस वक्त काम के बोझ से दब गया है। लोगों की कमी की वजह से हर उस व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, जहां काले धन का शक है।

सबसे पहले इंकम डिस्क्लोसर स्कीम के तहत पूरा विभाग काम में लगा। करीब 66000 करोड़ रूपए घोषित हुए, जिसमें करीब 30000 करोड़ टैक्स आना है। जिसमें पूरा विभाग लगा हुआ था। इसी बीच इनकम टैक्स असेसमेंट की तारीख 30 दिसंबर कर दी गई, जिससे और प्रेशर काम का बढ़ गया। अभी ये सब ठीक से हो भी नहीं पाया था कि अचानक सरकार की विमुद्रीकरण नीति ने और काम बढ़ दिया।

इस वक्त करीब 20 हजार आयकर अधिकारियों की बेहद कमी है। वर्तमान में करीब 50 हजार आयकर अधिकारी पूरे भारत के लिए काम करते हैं, जोकि जरूरत से बहुत कम है। अधिकारियों को रखने की सहमति मिल गई है, लेकिन अभी तक भर्तियां नहीं हुई है। जिससे काम पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। पूरे भारत में 26 प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर होते है, लेकिन वर्तमान स्थिति में सिर्फ चेन्नई और कोलकाते में इस पद पर तैनाती है, बाकी पूरा भारत में ये पद खाली है।

जगह की बात करें तो पूरे देश में 70 फीसदी आफिस स्पेस की कमी है, जो अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। सिर्फ दिल्ली की बात करें तो आफिस के लिए कुल डेढ़ लाख स्क्वायर मीटर की जगह चाहिए जो 60 हजार भी नहीं है। एक साथ कई जगह छापेमारी करनी हो तो वो भी संभव नहीं है, क्योंकि विभाग के पास करीब 50 फीसदी गाड़ियों की कमी है।

आयकर विभाग को फंड की कमी से भी जूझना पड़ता है। कुल टैक्स कलेक्शन का सिर्फ 0.54 फीसदी आयकर विभाग को मिलता है, जबकि उनकी मांग है 1 से 2 परसेंट तक की जो बाकी दुनिया के देशों में दिया जाता है। इसका सीधा असर काम पर पड़ेगा।

- असेसमेंट में कमी आएगी
- छापेमारी में कमी हो जाएगी
- इंवेस्टिगेशन में कमी हो जाएगी