बेनामी संपत्ति: अब ऐसे लोगों पर शिकंजा कसेगी सरकार!

नई दिल्ली(8 दिसंबर): आयकर विभाग पर्सनल और कॉर्पोरेट इनकम टैक्स फाइलिंग्स में सभी अनएक्सप्लेंड क्रेडिट्स और अनएक्सप्लेंड इन्वेस्टमेंट्स की जांच कर रहा है। खबर के मुताबिक विभाग ऐसे मामलों में बेनामी ऐक्ट के तहत कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।

    - इस साल तक चाहे कंपनी के बही-खाते में हो या लोगों के बैंक खातों में, अनएक्सप्लेंड क्रेडिट्स को ब्लैक मनी माना जाता था और उस पर 80% तक टैक्स लगाया जाता थ। हालांकि अब टैक्स अधिकारी यह विकल्प तलाश रहे हैं कि ऐसी रकम को बेनामी कहा जा सकता है या नहीं। यानी ऐसे एसेट्स या ट्रांजैक्शंस को किसी अन्य व्यक्ति की ओर से तो इधर-उधर नहीं किया गया। टैक्स अधिकारी ऐसे ट्रांजैक्शंस के स्रोत के बारे में पूछ रहे हैं।

- टैक्स एक्सपर्ट दिलीप लखानी ने कहा, 'बेनामी ऐक्ट तभी लगाया जा सकता है, जब कैश क्रेडिट का सोर्स नहीं बताया गया हो और टैक्स डिपार्टमेंट उस रकम को किसी दूसरे व्यक्ति के पास से आने का सबूत खोज ले। बैंक में अनएक्सप्लेंड डिपॉजिट के बारे में ज्यादा टैक्स ही वसूला जा सकता है और बेनामी ऐक्ट नहीं लगेगा।'