दस्तावेजों से केडिया समूह पर सरकारी मेहरबानी का खुलासा

नई दिल्ली ( 16 नवंबर ): शराब कारोबार से जुड़े केडिया समूह के छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश समेत छह राज्यों के 39 ठिकानों पर मंगलवार को आयकर विभाग ने छापे मारे। समूह की 12 कंपनियों को जांच के दायरे में लिया गया है। छत्तीसगढ़ में भिलाई, कुम्हारी, गुढ़ियारी, बेमेतरा और दुर्ग स्थित वेयरहाउस, दफ्तर, बंगले और फैक्ट्रियों की जांच की जा रही है। 

छापेमारी में मिले दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि सरकारें केडिया समूह पर किस तरह मेहरबान थीं। 

-छापेमारी में मिली डायरियों में कई अफसर-नेताओं के लेनदेन का ज़िक्र है। 

-इंदौर में शराब किंग केडिया समूह के इंदौर सहित आधा दर्जन राज्यों में 40 ठिकानों पर एक साथ की गई छापामार कार्रवाई में अभी तक करोड़ों की बेनामी संपत्ति का पता चला है और अभी भी पड़ताल जारी है।

-दस्तावेजों से पता चला है कि केडिया समूह पर मप्र और छत्तीसगढ़ की सरकारें में पूरी तरह से मेहरबान रही हैं।

-सूत्रों के मुताबिक आयकर को समूह के ठिकानों से जो डायरियां बरामद हुई हैं, उसमें अफसर और नेताओं को लेन-देन का भी जिक्र है।

-मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ से लेकर केडिया समूह का कारोबार पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैला हुआ है।

-केडिया समूह और उससे जुड़ी कम्पनियों के कर्ताधर्ताओं में आनंद, प्रसन्न केडिया, विनय और रतन केडिया के अलावा संतोष केडिया, आशीष गडिया, मनीष कुमार टिबरेवाल, नितिन, तुषार भंडारी से लेकर अन्य महत्वपूर्ण लोग शामिल हैं। 

-सालों से केडिया समूह का मध्यप्रदेश के शराब कारोबार पर एकछत्र अधिकार रहा है। छत्तीसगढ़ में भी केडिया समूह का अच्छा-खासा कारोबार है। 

-हर साल केडिया समूह अकेले मध्यप्रदेश में ही 10 लाख करोड़ लीटर देसी शराब की सप्लाई करता है। बाहर का कोई भी शराब निर्माता इस टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकता।