मोदी सरकार का नया वार, ऐसे लोगों को जरूर भरना होगा टैक्स

नई दिल्ली (19 नवंबर): मोदी सरकार किसी भी हालात में ऐसे लोगों को छोड़ना नहीं चाहती है, जो सरकार को टैक्स नहीं भरकर चूना लगा रहे हैं। इसी कड़ी में लिंस्टैनटाइन के एलजीटी बैंक में ब्लैक मनी जमा करने के आरोपियों को आईटीएटी ने टैक्स भरने को कहा है।

तीन साल पहले अप्रैल 2014 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 18 नाम बताए थे जिनपर लिंस्टैनटाइन के एलजीटी बैंक में ब्लैक मनी जमा करने का आरोप था। लंबे समय से चल रहे इस केस में 4 आरोपियों के खिलाफ मामला अब अंतिम चरण में है। एलजीटी बैंक में जिस मारनीचि ट्रस्ट का खाता था उसके लाभार्थी हसमुख आई गांधी, जिन्होंने स्वर्गीय नीरव गांधी को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था, मधू एच गांधी और चिंतन एच गांधी थे।

अपने हालिया फैसले में इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल (ITAT) की मुंबई शाखा ने एलजीटी बैंक ने इन खातों की जमा राशि को अघोषित आय मानते हुए अपीलों को खारिज कर दिया है। टैक्स विभाग को मिली जानकारी के मुताबिक, 31 दिसंबर, 2001 तक बैंक स्टेटमेंट में खाते का ओपनिंग बैलेंस 3,09,154 डॉलर (1.95 करोड़ रुपये) था। लाभार्थियों ने इस आय पर टैक्स रिटर्न में इस आय की जानकारी नहीं दी थी। आईटीएटी ने ऐसे खातों को टैक्स भरने को कहा है।

अभी के लिए आईटीएटी के इस आदेश से आयकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि आईटीएटी के फैसले के खिलाफ मारनीचि ट्रस्ट के लाभार्थी अपील फाइल करेंगे। ऐसा ही एक मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है।