VIDEO : राजस्थान में है बुलेट बाबा का मंदिर! जानिए, क्यों होती है बाइक की पूजा

नई दिल्ली (25 मई) :  राजस्थान को राजे रजवाड़ों, पर्यटन स्थलों के अलावा प्रख्यात मंदिरों के लिए भी जाना जाता है। यहां मंदिरों की स्थापना के पीछे तरह तरह की कहानियां हैं। लेकिन सबसे विचित्र कहानी पाली ज़िले में ओम बना मंदिर की है। ये मंदिर जोधपुर से 50 किलोमीटर दूर स्थित है। इसे बुलेट बाबा के मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में एक बुलेट बाइक (350 सीसी) की पूजा की जाती है।  

मुख्य हाइवे के पास स्थित इस मंदिर के पास 20-25 प्रसाद व पूजा अर्चना के सामान से सजी दुकाने दिखाई देती है। मंदिर में एक चबूतरा दिखता है जिस पर ओम बन्ना (ओम सिंह राठौड़) की एक बड़ी सी फोटो और अखंड जलती ज्योत नजर आती है। पास ही फूल मालाओं से लदी बुलेट बाइक दिखाई देती है।  

क्यों की जाती है बाइक की पूजा?

पूछने पर लोग इस मंदिर की जो कहानी बताते हैं वो सुनने में बड़ी विचित्र लगती है। लोगों के मुताबिक ओम बना अर्थात ओम सिंह राठौड़ पाली शहर के पास ही स्थित चोटिला गांव के ठाकुर जोग सिंह जी राठौड़ के पुत्र थे। 2 दिसंबर 1988 की गर्मियों की रात जब वे अपनी बुलेट 350 मोटर साईकिल पर गांव जा रहे थे तो एक सड़क हादसे में उनका उनका निधन हो गया। कहा जाता है कि इस हादसे के बाद पुलिस वाले इस मोटर साइकिल को थाने ले आए लेकिन दूसरे दिन सुबह ही थाने से यह मोटर साइकिल गायब हो गई। तलाश करने पर मोटर साइकिल उसी दुर्घटना स्थल पर ही पाई गई।  किवदंती है कि पुलिसकर्मी कई बार मोटर साइकिल को दुबारा थाने लाए और यहां तक कि उसका पैट्रोल टैंक भी खाली किया लेकिन हर बार यह मोटर साइकिल थाने से गायब हो दुर्घटना स्थल पर अपने आप पहुँच जाती। जब यह बात यहां के लोगों को पता चली तो उन्होंने उस स्थान पर चबूतरा बनवा कर ओम बन्ना का मंदिर बनवा दिया। यहां पर रोजाना बाकायदा पूजा की जाने लगी। आखिर पुलिस कर्मियों व ओम सिंह के पिता ने ओम सिंह की मृत आत्मा की इच्छा समझ उस मोटर साइकिल को उसी पेड़ के पास रख दिया।  बहरहाल, सच कुछ भी हो लेकिन ये मंदिर दूरदराज़ से आने वाले लोगों के लिए कौतुहल का विषय ज़रूर है। 

देखें वीडियो- (साभार- यूट्यूब पर Ronsingh Solankey Tawo की ओर से अपलोड वीडियो) 

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