J&K में आतंकियों के नाम पर क्रिकेट टीमें, लगे आजादी के नारे

नई दिल्ली(27 अप्रैल): जम्मू-कश्मीर के त्राल में हुए एक लोकल क्रिकेट टूर्नामेंट में 16 टीमों ने हिस्सा लिया। इनमें से टीम थी बुरहान लायंस, आबिद खान, कलंदर्स और खालिद आर्यन्स। तीनों ही टीमों के नाम हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर्स के नाम पर रखे गए थे। यह टूर्नामेंट दो महीने तक त्राल में चला।

टूर्नामेंट पिछले रविवार को ही खत्म हुआ है। एक ऑर्गनाइजर का कहना है कि टूर्नामेंट खालिद मुज्जफ्फर वानी की याद में ऑर्गनाइज किया गया था। खालिद हिज्बुल का आतंकी थी। आर्मी ने उसे पिछले साल पुलवामा में एनकाउंटर के दौरान मार गिराया था। 

खालिद तब मारा गया था जब वह अपने भाई से मिलने जंगल में आया था। टूर्नामेंट में शिरकत करने वाली कुछ टीमों के नाम आईपीएल और पीएसएल की टीमों पर रखे गए थे। पीएसएल यानी पाकिस्तान सुपर लीग को आईपीएल का जवाब बताया जाता है।

बुरहान लायंस का नाम बुरहान नाम के आतंकी के इन्सपायर होकर रखा गया। बुरहान हेडमास्टर का बेटा है। उसने 2010 में घर छोड़कर हिज्बुल ज्वाइन कर लिया था। इसी तरह आबिद खान कलंदर टीम का नाम हिज्बुल कमांडर आबिद खान से इन्सपायर होकर रखा गया। आबिद एनकाउंटर के दौरान 2014 में मारा गया था। इसी एनकाउंटर में आर्मी का एक कर्नल भी शहीद हुआ था। 

रविवार को खत्म हुए टूर्नामेंट को खालिद आर्यन्स टीम ने जीता। एक ऑर्गनाइजर ने कहा कि यह पहली बार है जब टीमों के नाम आतंकियों के नाम पर रखे गए। 22 फरवरी को ओपनिंग सेरेमनी में कश्मीर की आजादी के नारे लगे।  फाइनल में खालिद के पिता को चीफ गेस्ट के तौर पर इनवाइट किया गया था। 

इस ऑर्गनाइजर का कहना है कि आतंकियों के नाम पर टीमों के नाम रखना अब यहां जैसे नॉर्मल बात होती जा रही है।  वैसे तो इस टूर्नामेंट को अप्रैल के दूसरे हफ्ते में ही खत्म होना था लेकिन हंदवाड़ा की घटना के बाद इसमें देर हो गई। हमारे पास 16 टीमें और 31 मैच थे। हमनें शटडाउन वाले दिन मैच नहीं कराने का निर्णय लिया। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस इस टूर्नामेंट को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए ईदगाह ग्राउंड से दो महीने तक दूर रही। शुरू में हमें आशंका थी वे दखल करेंगे, लेकिन अच्छी भावना रही कि वे दूर रहे।